नेताओं का यहां आना है मना

नेताओं का यहां आना है मना

पन्ना (मप्र) :  बुंदेलखंड का सबसे पिछड़ा जिला कहा जाने वाला पन्ना अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है पन्ना यूं तो मंदिरों हीरो और झीलों की नगरी के नाम से जाना जाता है लेकिन आजादी के बाद से अभी तक पन्ना जिले से लगे ग्रामों का हाल बेहाल है। मामला पन्ना से महज 25 किलोमीटर दूर बसे सराहन पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम उड़की का है जहां ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा ग्रामीणों ने अपने घरों में तख्तियां लगा रखी हैं ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ ग्रामीणों का कहना है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में गांव का कोई भी मतदाता वोट नहीं डालेगा इतना ही नहीं ग्रामीणों ने जूतों की माला बनाकर रखी है कोई भी नेता ग्रामीण आएगा तो उसका स्वागत जूतों की माला से करने की बात कही। कारण यह है कि गांव का विकास आजादी के बाद से नहीं हुआ है गांव में सड़क नहीं है पानी नहीं है लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं है इतना ही नहीं ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। साथ ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क न होने की वजह से यहां पर लड़कियों की शादी नहीं हो पाती है क्योंकि सड़क न होने की वजह से लोग यहां पर शादी नहीं करना चाहते। इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। छात्र-छात्राएं 5 किलोमीटर दूर रास्ता तय करके स्कूल जाते हैं और बरसात के मौसम में कैदियों की तरह कैद हो जाते हैं। महिलाओं का कहना है कि आजादी के बाद से गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं किए गए हैं। नेता सिर्फ वोट मांगने के लिए आते हैं और जीतने के बाद दर्शन तक नहीं देते हैं। इसलिए पूरे गांव ने फैसला किया है कि पूरे गांव आने वाले लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेगा। और अगर कोई भी नेता उनसे वोट मांगने आता है तो उसको जूतों की माला पहनाकर उसका स्वागत करेंगे।

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