होली पर कैदियों को दिया अनोखा तोहफा

होली पर कैदियों को दिया अनोखा तोहफा

नरसिंहपुर (मप्र) : रंगों के त्योहार होली का कैदियों को दिया जा रहा है अनोखा तोहफा । कैदियों की जिंदगी से तनाव को दूर रखने ली जा रही है रंगों की मदद और इस कवायद से वे अपराध बोध तो महसूस कर ही रहे हैं साथ ही पश्चाताप के रंग भी जेल की कोरी दीवारों पर उड़ेल खुद की जिंदगी में रंग भर रहे हैं| देखिए नरसिंहपुर की इस खास खबर में,

जेल जाने के नाम से ही जो तनाव किसी अपराधी की जिंदगी में शुरू होता है वह जेल पहुंचकर अपने चरम पर पहुंच जाता है । जेल के लाल दरवाजे को पार करते ही जेल की सफेद सपाट कोरी दीवारें कैदियों के तनाव को और बढ़ा देतीं हैं ऐसे में जेल की अनूठी मुहिम ने कैदियों की बदरंग और तनाव भरी जिंदगी में खुशियों के रंग जरूर भर दिए हैं । जी हां नरसिंहपुर की इस केंद्रीय जेल में यहां की महिला जेल अधीक्षक सैफ़ाली तिवारी ने इन सफेद दीवारों के साथ साथ कैदियों की जिंदगी में रंग भरने का सपना सँजोया और फिर इस सपने को उड़ान देने उन्हें मिला एक चित्रकार दल इत्यादि फाउंडेशन।  जिसने जेल में आते ही सामने की पहली दीवार पर अपने विचार उड़ेलने का फैसला किया और रंगों से इस सफेद दीवार पर उकेर दिए गए। जिंदगी के बचपन से लेकर सन्यास तक का रंग जहां जन्म से लेकर प्यार मोहब्बत से होते हुए परिवार और सन्यास तक के चित्रण को बखूबी इन कलाकारों ने सजाया है । जिसमे यह भी बताया गया कि सन्यासी की असली जिंदगी कैदी ही जीते हैं। होली के कई दिनों पहले से ये कवायद यहां की दीवारों पर जारी थी मकसद था होली पर यहां के कैदियों को रंग भरा ये तोहफा देना। खास बात ये है कि जब चित्रकारों की ये टीम जब यहां पहुंची तो उन्हें भी यहां की दीवारें और ब्लैक एंड व्हाइट जिंदगी देख कुछ समझ न आया पेंट जैसे जैसे चित्र दीवारों पर उतरना शुरू हुये वैसे वैसे कैदियों की जिंदगी में भी ये चित्र रंग भरने लगे। यही वजह रही कि इस संस्था ने इस काम को निशुल्क तो किया ही साथ मे खुद कर लिये इस काम को जिंदगी का बेहद अहम काम बताया।  महिला जेल अधीक्षक ने जो सपना सँजोया उसे भी इन चित्रो से खासा बल मिला।

सुप्रिया अम्बर-प्रबन्धक,इत्यादि फाउंडेशन, शेफाली तिवारी-जेल अधीक्षक-नरसिंहपुर जेल की सफेद दीवारों को एक खास मकसद के चलते होली पर रँगा जा रहा है। कैदी ही यहां देशी गीतों पर थिरक रहे हैं और जेल की इन दीवारों को रंग रहे हैं । दीवारों पर जीवन का यथार्थ दिखाने वाले चित्रकार इस चित्रकारी को अपने किस्म की बेहद खास कलाकारी बता रहे हैं । विनय अम्बर- प्रमुख- इत्यादि फाउंडेशन होली पर इन रंगों का मकसद साफ है। कैदियों की बदरंग जिंदगी से तनाव दूर कर उनमे खुशियों के रंग भरे जाएं और उसका असर भी कैदियों पर साफ देखा जा सकता है । अब वे गिले शिकवे भूल अपने पश्चाताप में डूबे हैं और उनके लिए ये रंग दीवारों पर उड़ेल रहे हैं जिनकी बदौलत वे यहां हैं । पीड़ित पक्षों के लिए अब इनके दिल मे गुस्सा नही बल्कि प्रेम का रंग है और इस होली ने उनकी जिंदगी में दिवाली भी ला दी है ।  सतीश-कैदी-केंद्रीय जेल-नरसिंहपुर वीरू-कैदी-केंद्रीय जेल-नरसिंहपुर विचार के रंग... प्रेम के रंग.... सुधार के रंग... और न जाने कितने और कैसे कैसे रंग... ? मानो ये रंग बातें करते हों कि खूबसूरत रहना है तो मिलकर ही रहना होगा |

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