क्यों उठ रहा कांग्रेस में तूफान...?

क्यों उठ रहा कांग्रेस में तूफान...?

भोपाल : मप्र में सरकार बनते ही कांग्रेस का पुराना गुटबाजी वाला मर्ज़ और भी गहरा गया है | हाल यह है कि कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह और कमल कैबिनेट के मंत्री खुलकर एक दूसरे के सामने आ गये हैं | ज़ाहिर है सत्ता पर घात लगाई हुई भाजपा को अपने अरमान पूरे करने का अवसर हासिल होता दिखने लगा है | तो वही सत्ता और संगठन की कमान सम्हाल रहे मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिये आपसी सामंजस्य एक बड़ी चुनौती साबित होने लगा है। मप्र में सत्ता पक्ष के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है | पार्टी के क्षत्रपों के बीच शीतयुद्द चरम पर है और अब बीते समय के साथ सार्वजनिक भी होने लगा है| हाल ही में सदन के बजट सत्र के दौरान कमलनाथ सरकार के मंत्रियों ने सवालों के जबाब पर नर्मदा किनारे पौधे रोपण मामला, मंदसौर गोलीकांड के साथ ही उज्जैन सिंहस्थ घोटाले के आरोपों पर पूर्व सरकार को क्लीन चिट दे दी | जैसे ही सदन से मामले की खबर बाहर आई कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मंत्रियों को जमकर लताड़ लगा दी |दिग्विजय सिंह (राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस) दिग्विजय सिंह की इस लताड़ से वन मंत्री उमंग सिंघार काफी बौखला गये | सिंघार ने अपने पार्टी के नेता पर हमला बोलते हुये कहा कि यदि कोई आधा अधूरा पढ़े ही कुछ बोलने लगे तो वह खुद जाने | उमंग सिंघार ने हर फोरम पर अपनी नाराजगी दर्ज कराई | सिंघार ने तो इतना भी कह दिया कि खुद दिग्गी के बेटे ने सिह्स्थ मामले में पूर्व सरकार को क्लीन चिट दी है लेकिन इस पर वह क्यों नही बोलते ?  उमंग सिंघार (वन मंत्री, मप्र शासन) वन मंत्री ने दिग्गी को नसीहत तक दे डाली कि वह 15 साल से विधायक है और अपना काम भली भाँती जानते हैं ...कुछ कहने से पहले दिग्विजय सिंह को मामले की पूरी जानकारी लेनी चाहिये थी | उमंग सिंघार (वन मंत्री, मप्र शासन)  दिग्गी की लताड़ के बाद मंत्रियों ने साफ़ किया कि किसी भी मामले में पूर्ववर्ती सरकार को क्लीन चिट नही दी गई है | सभी मामलों की पुन जांच की जा रही है | हालांकि पिता को घिरते देख दिग्गी के सुपुत्र एवं नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह मीडिया के सामने आये और पिता के बयान को लेकर सफाई दी | जयवर्धन सिंह ( मंत्री,नगरीय प्रशासन)  इस पूरे मामले पर भाजपा ने चुटकी लेते हुये कहा कि दिग्गी जानकर अन्य गुटों के मंत्रियों को टार्गेट पर ले रहें हैं | और यह सब तब तक होता रहेगा जब कि वह अपने बेटे जयवर्धन सिंह को मुख्यमंत्री की कुर्सी दिलाने में सफल नहीं हो जाते |  डॉ नरोत्तम मिश्रा ( विधायक एवं पूर्व मंत्री, भाजपा ) मामला तूल पकड़ने के बाद एक दिग्विजय सिंह एक बार फिर मीडिया के सामने आये | इस बार ज्यादा तो कुछ नहीं कहा लेकिन अपने बयान पर कायम ज़रूर दिखे |  दिग्विजय सिंह ( राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस )  फ़िलहाल इस मामले को लेकर कांग्रेस के अंदरखाने के रचे बसे गुटों में जमकर हंगामा मचा है | कोई भी ग्रुप किसी की भी सहने तैयार नहीं है | ऐसे में सभी की नज़रें मुख्यमंत्री कमलनाथ पर टिकी है कि आखिर कमलनाथ गुटबाजी की भंवर में फंसी नैया को कैसे पार लगा पाते हैं |

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