पाकिस्तान के लिए कड़ा फैसला लेना जरूरी

पाकिस्तान के लिए कड़ा फैसला लेना जरूरी

बैतूल : मध्य प्रदेश के बैतूल के मुलताई में रविवार की देर रात तीन दिवसीय ताप्ती महोत्सव का समापन  सूफी गायक हंसराज हंस ने सूफी गीतों की प्रस्तुति देकर किया। इस मौके पर उन्होंने पुलवामा हादसे के बाद पाकिस्तानी कलाकारो और क्रिकेटरों के बैन को जायज ठहराते हुए कहा कि कड़ा फैसला लेना जरूरी था। हंस ने कहा कि किसी चीज की हद होती है जब इंतेहा हो जाये तो सख्त फैसले लेने पड़ते है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नही की संगीत, क्रिकेट एक लांग ब्रिज बन सकता है आपस मे मोहब्बत के लिए लेकिन जब मोहब्बत की बात किसी की समझ ही न आये तो फिर एक फैसला तो लेना ही पड़ेगा। इसके पहले कार्यक्रम में सूफी गायक ने कई गजलों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। हंस ने प्यार नही है सुर से जिसको वो मूर्ख इंसान नही है और फ़िल्म कच्चे धागे की ग़ज़ल खाली दिल नइयों की शानदार प्रस्तुति दी। हंस ने दिल  जिन्हे देखने के लिये जा रहे है वो पर्दे पर पर्दे किये जा रहे है गजल पर खूब तालियां बटोरी। हंसराज हंस(सूफी गायक) का कहना है कि किसी चीज की हद है जब इंतहा हो जाए तो ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं । इसमें कोई शक नहीं संगीत क्रिकेट लांग ब्रिज बन सकता है आपस में लेकिन जब मोहब्बत की बात किसी को समझ नहीं आए तो एक फैसला लेना पड़ता है। कैसी क्रिकेट कैसा गाना एक मां का बेटा फौजी वापस नहीं आएगा बेटी का डैडी वापस नहीं आएगा एक बहन का पति वापस नहीं आएगा । ए लोगो फौजियों के दर्द को अपने बेटे के रूप में महसूस करो तब समझ आएगा । हर चीज का एंड हो गया तब ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं ।

 

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