टीकाकरण में बिगड़ी बच्चों कि हालत

टीकाकरण में बिगड़ी बच्चों कि हालत

शाजापुर (मध्यप्रदेश)| शाजापुर जिला मुख्यालय पर जिला चिकित्सालय में उस समय हड़कंप मच गया जब स्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को उनके पालक दौड़ते भागते अस्पताल लाए और घबराहट में उपचार करवाया| बताया जा रहा है कि शासन द्वारा गंभीर जानलेवा वाइरस खसरा ओर रूबेला की रोकथाम के लिए टीकाकरण का कार्य स्कूलों में  जारी हैं खसरा एवं रूबेला एक ऐसा वायरस है जो धीरे धीरे बच्चों की जिंदगी खराब करने में अपनी अहम भूमिका निभाता है और इस वायरस की चपेट में आने से बच्चे अपनी जान भी गवां सकते है| और तो और अपंग भी हो सकते है| इसकी रोकथाम के लिए हर स्कूल में जिन बच्चों की उम्र 0 साल से लेकर 15 साल तक है उन्हें लगाए जा रहा है| इसी क्रम में शाजापुर जिले के निपानिया डाबी गांव में खसरा और रूबेला के टीके लगाए जा रहे थे| टीके लगाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को तकलीफ होने लगी तकलीफ में बच्चों को पेट दर्द सांस लेने में तकलीफ घबराहट जैसे कई लक्षण दिखाई दिए जिसे देखते हुए टीकाकरण टीम ने बच्चों के पालकों को बुलवाया और उन बच्चों को तुरंत उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भिजवाया गनीमत यह रही कि जैसे ही जिला प्रशासन को टीकाकरण में बीमार हुए बच्चों की सूचना लगी उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत सभी बच्चों को समय पर उपचार दे दिया जिससे बच्चों की हालत में अब सुधार है ग्राम निपानिया डाबी में लग रहे टीके में करीब 4 से 6 बच्चों की हालत बिगड़ी थी फिलहाल सभी बच्चों का उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है और सभी बच्चे खतरे से बाहर है।

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