उफ्फ, ये कैसी कर्ज माफी

उफ्फ, ये कैसी कर्ज माफी

बैतूल- मध्यप्रदेश के बैतूल में भोले भाले किसानों को छलने का मामला सामने आया है । इस मामले को लेकर सैकड़ो किसानों ने बैतूल में रैली निकाल कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है । बैतूल के दामजीपुरा के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में कर्जमाफी के दौरान बड़ा घोटाला सामने आया। किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा कर्ज चुका देने के बाद भी उनके ऊपर कर्ज़ निकल आया है कुछ किसानों का यह भी आरोप है कि उन्हें फसल बीमा की राशि भी नही मिली। यह भी आरोप है कि मजदूरी करने वाले बिना जमीन के मालिक कैलाश कुमरे को किसान बता कर उसके ऊपर एक लाख का कर्ज निकाल दिया है। इसके अलावा जिन किसानों ने कर्ज चुका दिया उन्हें भी कर्जदार बना दिया है। ऐसे ही शंकर लाल नाम के किसान का कहना है कि उनके पिता ने समिति का 32 हजार का कर्ज चुका दिया था और कुछ दिन बाद उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद उनका 20 हजार का मुआवजा आया था लेकिन वो भी नही मिला। अब कर्जदार किसानों की सूची ग्राम पंचायत में लगी तो पता चला कि उनके ऊपर एक लाख का कर्ज है । ऐसे लगभग आधा सैकड़ा लोगो के नाम दिए गए जिन्होंने कर्ज चुका दिया लेकिन उनके ऊपर कर्ज निकल आया है। अगर कर्जमाफी नही होती तो किसानों को पता ही नही चलता कि उनके ऊपर बिना लिए भी कर्ज बकाया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है । कैलाश कुमरे(मजदूर) का कहना है कि हमारे पास जमीन नहीं है मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते हैं समिति वालों ने हमारे ऊपर एक लाख का कर्ज निकाल दिया है जबकि हम किसान भी नहीं है। शंकर लाल (किसान) का कहना है कि समिति में हमारा लेन देन चलता था हमारे पिताजी ने 32 हजार का कर्ज चुका दिया था उसके बाद उनकी मौत हो गई उनकी मौत के बाद 20 हजार का मुआवजा आया था वह हमें मिला नहीं और ऊपर से हमारे ऊपर एक लाख का कर्ज चढ़ा दिया है। प्रदीप किलेदार(भाजपा नेता) का कहना है कि 1 सप्ताह में अगर पूरे मामले की जांच नहीं हुई और दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा बड़ा आंदोलन करेगी। टीएल इरपाचे(नायब तहसीलदार) का कहना है कि दामजीपुरा सोसायटी के खिलाफ लोगों ने गंभीर आरोप लगाकर शिकायत की है इस मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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