उफ़्फ़ यह शिक्षक

उफ़्फ़ यह शिक्षक

मध्यप्रदेश : सतना मध्यप्रदेश में शिक्षा-व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब एक अतिथि शिक्षक कलेक्टर जनसुनवाई में अपना आवेदन लेकर पहुंचा। पीड़ित अतिथि शिक्षक का आरोप था कि मैं जिस विद्यालय में वर्ष से पढ़ा रहा हूं। लेकिन द्वेश भावना से इस साल उसका चयन नहीं किया गया। काफी शोर-सिफारिस के बाद जब शिक्षक को नौकरी नहीं मिली तो उसने जनसुनवाई में कलेक्टर के सामने बात रखने की ठान ली। उसे क्या पता कि आज से ही उसकी नौकरी के सारे दरवाजे बंद होने वाले है। फिर भी उसका प्रयास जारी रहा और वह मंगलवार को धवारी कलेक्ट्रेट पर आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर सतना के सामने अपना शिकायती आवेदन लेकर पहुंच गया। इसके आगे जो हुआ उसे सुनकर सबके होश उड़ गए। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में मौजूद अन्य अधिकारी अतिथि शिक्षक की दक्षता को देखकर अचंभित हो गए और मन ही मन में बोले ऐसे जब शिक्षक रहेंगे तो कैसे शिक्षण व्यवस्था प्रदेश में सुधरेगी। दरअसल अतिथि शिक्षक जैसे ही सतना कलेक्टर सत्येंद्र सिंह के समक्ष खड़ा हुआ तो कलेक्ट्रर आवेदन देखते हुए बोले चलो ठीक है। 17 का पहाड़ा सुनाओ.. फिर क्या अतिथि शिक्षक रुक-रुक कर किसी तरह 17 का पहाड़ा तक यानी कि 85तक पहुंचा। फिर अतिथि शिक्षक की बोलती बंद हो गईकलेक्टर बोले हां-हां ठीक है आगे का सुनाओ। तब अतिथि शिक्षक बोला साहब बुखार आ गई है। इसलिए कुछ भूल रहा हूं। इस पर कलेक्टर ने फटकार लगाते हुए कहा कि ठीक किया जो तुम्हे नहीं रखा।

 

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