नवरात्र में मुराद हो होगी पूरी, बस यह रखें याद

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चैत्र नवरात्र का पावन पर्व 6 अप्रैल से आरंभ हो रहा है । इस पर्व के आते ही सारा वातावरण भक्तिमय हो जाता है । चारों ओर माँ के जयकारे गूंजने लगते हैं , और माँ के भक्त माँ की भक्ति के रंग मे सराबोर हो जाते हैं । सभी अपनी-अपनी श्राद्धधा से पूजा-पाठ, हवन आदि करते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दिनों माँ कि आराधना का एक अलग ही विधान और नियम होते हैं और अगर हम उउ नियमों के अनुसार माँ कि पूजा करते हैं तो माँ हम पर अधिक प्रसन्न होती हैं और हम पर हमेशा अपनी कृपा बनाए रखती हैं । जानिय कुछ ऐसे नियमों के बारे मे जो माँ कि पूजा करते समय हमें ध्यान मे रखने चाहिए। 
1 * दिशा निर्धारण ** माँ दुर्गा कि पूजा करते समय दिशा का बहुत ध्यान रखना चाहिए। ऐसी मान्यता है हर देवी देवता कि अपनी एक दिशा होती है और उनकी पूजा करते समय उस दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी-देवताओं कि पूजा उसी दिशा मे करनी चाहिए जो उन के लिए निर्धारित है । 
2 * भक्त के लिए दिशा ** भक्तों को माँ दुर्गा कि पूजा दक्षिण दिशा मे करनी चाहिए। माना जाता है कि पूजा करते समय भक्त का मुह दक्षिण या पूएव दिशा मे होना चाहिए। तो बहुत फलदायी होता है। 
3 *माँ दुर्गा के पसंदीदा रंग ** धार्मिक आस्था के अनुसार माँ दुर्गा को कुछ रंग बहुत ही पसंद हैं । माँ दुर्गा के पसंदीदा रंगों कोइस दौरान पूजा घर मे ज़रूर रखना चाहिए ये रंग है, लाल, हल्का पीला, गुलाबी औए हरा ।
4 * स्वास्तिक ** नवरात्र मे माँ के सामने स्वास्तिक भी ज़रूर बनाना चाहिए । ये स्वास्तिक सिंदूर या हल्दी से बनाना चाहिए कहते हैं सिंदूर या हल्दी से स्वास्तिक बनाने से पॉज़िटिव एनर्जी आती है और माँ दुर्गा प्रसन्न होती हैं । 
5 * जोत जलाना ** नवरात्र मे सबसे म्हत्वपूर्ण है माँ कि जोत जलाना। ये जोत पूरे 9 दिन तक जलती है। प्रयास ये करना चाहिए कि ये जोत 9 दिनों के दौरान बुझनी नहीं चाहिए । 
6 * जवारों का महत्व ** माँ दुर्गा कि पूजा मे जवारों का भी बहुत महत्व है । नवरात्र के पहले दिन ये जवारे बोये जाते हैं और पानी सींच कर इन्हें 9 दिनों तक बड़ा किया जाता है। 
7 * कलश स्थापना ** नवरात्र मे कलश स्थापना का भी बहुत अधिक महत्व है । दुर्गा पूजा को पूर्ण बनाने के लिए कलश कि स्थापना कि जाती है । कलश कि स्थापना के ही दुर्गा पूजा पूर्ण होती है औए मान्बांछित फल कि प्राप्ति होती है।

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