जीते मोदी तो करवाना पड़ा मुंडन

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<इस बार का चुनाव थोड़ा अलग हटकर था । यानी कि मोदी बनाम अन्य हो गया था । मप्र में मोदी के नाम पर भाजपा उम्मीदवार जीत की आस लगाये बैठे तो कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अपनी जीत के बाद काफी आशान्वित थी । मोदी के समर्थंक ठोंक कर रहे थे कि मोदी है तो मुमकिन है तो कांग्रेसियों का दावा रहा कि मोदी तो गियो। बेशक चुनाव कांटे वाला था ।  
नेताओं के साथ उनके समर्थंक भी काफी उत्साहित थे । 
इतने उत्साहित कि एक अनोखी शर्त लगा बैठे । 
शर्त थी कि जो हारेगा वो करवाएगा ..मुंडन । 
दरअसल पूरा मामला मप्र के राजगढ़ जिले का है । इस जिले के रहने वाले मोदी समर्थंक बापूलाल मंडलोई और कांग्रेसी बापूलाल सेन में शर्त लग गई ।
मंडलोई का कहना था कि मोदी फिर से पीएम बनेगे तो सेन का दावा था कि मोदी की लुटिया डूबना तय है और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर इस बार देश राहुल गान्धी को देखेगा ।
फिर क्या दोनो में लग गई शर्त । जो हारेगा उसको बीच बाजार में करवाना पड़ेगा मुंडन । 
शर्त की चर्चा पूरे गांव में आग की तरह फैल गयी । 
मत की गणना शुरू हुयी । परिणाम आते ही सेन का उत्साह छू मंतर हो गया । 
शर्त तो साहब शर्त होती है । पीछे हटे तो गांव में मज़ाक भी बनता । मजबूरी में सेन को शर्त के अनुसार मुंडन कराना पड़ गया । यहां सेन के सिर के बाल विदाई ले रहे थे तो वहां भाजपा समर्थकों का जीत का उत्साह जैसा दुगना हो गया  ।
लेकिन एक  खास बात ये भी रही कि भले ही मज़ाक मज़ाक में शर्त लगी हो लेकिन सियायत को लेकर मनमुटाव की स्थिति न थी । सब हल्के फुल्के अंदाज में इस सारी मसले को ले रहे थे । 
वाकई ये है हमारा देश और उफ़्फ़..देश के लोकतंत्र की खूबसूरती

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