माता की चौखट पर जलते चमत्कारी दीपक

माता की चौखट पर जलते चमत्कारी दीपक

धर्म : हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान के सामने हमेशा घी का दिया ही जलाया जाता है। अगर हम तेल या किसी अन्य पदार्थ को दिया जलाने में उपयोग करते हैं तो ये ठीक नहीं माना जाता। लेकिन मध्य प्रदेश के गाड़िया घाट में माता जी का एक ऐसा ही चमत्कारिक मंदिर है जहां घी से नहीं बल्कि पानी से दिये जलाये जाते है और पानी से जलने वाले इन दियों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहां पिछले 50 सालों से पानी के दिये जलाए जाते हैं। 

ये स्थान आगर-मालवा मार्ग के नलखेड़ा गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर  गुड़िया गांव के पास है। यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि लगभग 50 सालों से यहां पानी से दिए जलाए जाते हैं। उनका कहना है कि पानी को दिए में डालते ही दिए का पानी तैलीय हो जाता है और दिए जल उठते हैं। 

                                           

प्रचलित कथा : यहां के बारे में एक कहानी प्रचलित है कि एक रात यहां के एक पुजारी के सपने में माता जी आई और उन्होंने पुजारी से कालीसिंध नदी के पानी को दिए में डाल कर जलाने को कहा। सुबह उठकर पुजारी ने ऐसा ही किया और चमत्कारिक रूप से वो दिया जल गया। ये देख कर आस-पास के लोग हैरान रह गए। तभी से इस मंदिर में घी या तेल के स्थान पर पानी का दिया ही जलाया जाता है। 

                                                    

यहां रहने वाले लोग बताते हैं कि हर साल बरसात के मौसम में कालीसिंध नदी उफ़ान पर होती है तो ये मंदिर पानी में डूब जाता है और वहां कुछ दिनों के लिए पूजा-पाठ बंद हो जाता है। चैत्र नवरात्र आने पर यहां दोबारा पूजा शुरू होती है। 

तो आप भी अगर माता रानी के भक्त हैं और धर्म में गहरी आस्था रखते हैं तो 6 अप्रैल से शुरू होने वाली इस चैत्र नवरात्र में इस मंदिर मे जाकर एक दिया ज़रूर जलायें।

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