कुछ भी खाकर सेहत से न करें खिलवाड़

कुछ भी खाकर सेहत से न करें खिलवाड़

सेहत : आज के समय में मूड अच्छा करने के लिए चटपटा खाना जीभ को भाता है। खराब मूड में भी लोग चटपटे या मीठे खाने की सोचते हैं। समस्या यह है कि जीभ को भाने वाले स्वाद सेहत के लिए कभी कभार भारी पड़ जाते हैं। क्या खाएं कि मूड भी अच्छा रहे और सेहत भी।

 इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में कई बार जब हम उदास होते हैं तो ज्यादा तीखा और चटपटा खाना खाने लगते हैं। हमारे हाथ में जो आता है, खाते चले जाते हैं। इसमें भी हम तला-भुना या मीठा ही ज्यादा खाना पसंद करते हैं। इसे खाकर लगता है कि जैसे अब मूड ठीक हो जाएगा, लेकिन क्या आप यकीन के साथ कह सकती हैं कि इन चीजों से मूड सुधर जाता है? जुबान को स्वाद में अच्छी लगने वाली ये चीजें सेहत के लिहाज से खराब साबित हो सकती हैं। अपनी फूड हैबिट को थोड़ा बदलने की कोशिश करें और देखें किस तरह आपका मूड भी अच्छा रह सकता है और सेहत भी। 

मिठाई और चॉकलेट

                                                             

जब आपका मन खराब हो या लो फील कर रही हों तो अक्सर आसपास के लोग मीठा खाने को कहते हैं। इसमें भी अगर चॉकलेट मिल जाए तो क्या बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चॉकलेट (डार्क चॉकलेट छोड़कर) सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। यदि मूड स्विंग हो रहा हो या फिर पीरियड्स से पहले या यूं ही कभी कुछ मीठा खाने का मन हो रहा हो तो अपने पसंदीदा फलों को खाने पर विचार करें। फलों की शर्करा शरीर में धीरे-धीरे अवशोषित होती है, जिससे अचानक ऊर्जा का स्तर कम या ज्यादा नहीं होता। इसके बाद भी यदि चॉकलेट खाने की तीव्र इच्छा हो रही हो तो फलों की प्लेट पर ऊपर से थोड़ा सा चॉकलेट सॉस डाल लें।

 

कुल्फी

                                       

कुल्फी ज्यादा तर गर्मीयो में खाई जाती है इसमें कैलोरी पर्याप्त मात्रा में होती है, क्योंकि इसे बनाने के लिए ढेर सारी क्रीम, मावा, दूध, मेवे आदि का इस्तेमाल किया जाता है। दूध को गाढ़ा करके बनाने से इसके जरूरी विटमिंस कम हो जाते हैं। कैलोरी ज्यादा होने के कारण यह देर से पचती है। वहीं इसके देर से पचने के चलते जिन्हें पेट संबंधी समस्या या दूध से एलर्जी यानी लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या हो, उनके लिए यह नुकसानदेह भी हो सकती है। 

नमकीन

                                     

नमकीन का इस्तेमाल ईवनिंग स्नैक्स के रूप में अक्सर हम बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद नमकीन या चिप्स के रूप में करते है।आसानी से बनने और मिलने वाले नमकीन मूंगफली, बेसन, चावल, मक्का, मटर आदि का मिश्रण वाले ये पदार्थ स्वाद के नजरिये से देखे जाये तो अच्छे लगते है, लेकिन इनमें अत्यधिक मात्रा में सोडियम व मोनोसोडियम ग्लूटामेट मौजूद होता है, जो सेहत के लिए खतरनाक होता है। नमकीन मेवे पसंद हों तो घर पर ही इन्हें तैयार करें, जिससे नमक की मात्रा को नियंत्रित रखना आसान हो जाएगा।

हरी सब्जियां

                                   

हरी पत्तेदार सब्जियों के बारे जितना भी कहा जाये कम है। क्योंकि हरी सब्जियों से बेहतर तो कुछ नही हो सकता है। खासतौर पर पालक में भरपूर विटामिन बी पाया जाता है, जो उदासी को दूर भगाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, न केवल पालक बल्कि सभी प्रकार की हरी पत्तेदार सब्जियों व फलों का सेवन प्रतिदिन कम से कम तीन-चार बार करना ही चाहिए। इससे शरीर स्वस्थ रहने के साथ ही विभिन्न प्रकार की मानसिक समस्याओं में भी राहत मिलती है।

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