ड्रेस घोटाला, 81 हजार 291 छात्र-छात्रायें इंतजार में

ड्रेस घोटाला, 81 हजार 291 छात्र-छात्रायें इंतजार में

पन्ना : मध्यप्रदेश के पन्ना में गणवेश के इंतजार में शासकीय प्राथमिक पाठशाला के 81 हजार 291 छात्र बैठे हुए है......सत्र खत्म होने को है..लेकिन बच्चे अभी तक गणवेश से वंछित है। पन्ना जिले के एक हजार 627 स्कूलों के ये नौनिहाल बच्चे फटी-पुरानी गणवेश पहनने के लिए मजबूर है। पन्ना जिले के माध्यमिक खंड ओर प्राथमिक खंड के दो हजार 341 स्कूलों के कुल एक लाख 27 हजार 940 बच्चों को योजना के अनुसार गणवेश वितरण होना था। उसमे से माध्यमिक खंड के 46 हजार 4649 बच्चों के खाते में सीधे राशि डालनी थी,जो डाल दी गयी है। परंतु प्राथमिक खंड के सभी 81 हजार 291 बच्चों को गणवेश आजीविका मिशनन द्वारा तैयार कर बांटी जानी थी ......लेकिन गुणवत्ता परीक्षण के चक्कर में अब तक प्राथमिक खंड के  किसी भी बच्चे को गणवेश नही बांटी जा सकी। कहावत है कि सरकार बदलती है तो व्यवस्थाये भी बदलती है। और बच्चो सहित सभी को आशा भी यही थी लेकिन मध्यप्रदेश में सरकार तो बदल गयी पर ब्यवस्था अभी जस की तस बनी हुई है। इसीलिए जो काम पहले वाली सरकार मे चल रहा था वह लेट लतीफी काम अब भी चलता दिख रहा है..... आजीविका मिशन को 15 सितम्बर तक सभी छात्र छात्राओं को गणवेश दी जानी चाहिए थी , जो कि आजीविका मिशन की लापरवाही से समय सीमा में नही पहुँच पाई , ओर जहां पहुची है वह से ड्रेस के कपड़े को लेकर शिकायत हो रही है।

दरअसल, प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस बाटने की योजना बनाई थी। इस साल यह जिम्मेदारी सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को दी थी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने अलग-अलग स्वसहायता समूह से स्कूल ड्रेस बनवाकर स्कूल में बांटने की योजना बनाई थी। ताकि महिलाओ को रोजगार मिल सके। लेकिन साल बीतने को आया है और अभी तक स्कूलों में ड्रेस नहीं पहुंची है जिस कारण से छात्र-छात्राये परेशान है। स्कूलों में गणवेश मिली कि नहीं इसके हकीकत जानने के लिए हम शासकीय प्राथमिक शाला गहरा और शासकीय प्राथमिक शाला गहरा पहुंचे तो स्कूल में मौजूद बच्चे बिना ड्रेस के पढ़ रहे थे। लेकिन यह किसी भी बच्चे को ड्रेस नही मिली। इतना ही नही गणवेश न मिलने से अभिभावक भी बार-बार बच्चों को या तो स्कूल नही भेजते या कपउे फटे होने के कारण गरीब बच्चो को भी स्कूल जाने मे शमिंदगी महसूस होती है। वही जब इस पूरे मामले मे पन्ना कलेक्टर से बात की गई तो उनका कहना था कि माध्यमिक खंड के बच्चों के खाते में राशि डाल दी गयी है जिसमे से कई बच्चों ने खरीद भी ली है। लेकिन आजीविका मिशन से बनाई जाने वाली ड्रेस की गुणवत्ता परीक्षण के कारण लेट हो रहे है। जल्द ही बच्चो को ड्रेस वितरित कर दी जायेगी।

 

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