20 लाख के बाद भी की दोनों मासूमों की हत्या

20 लाख के बाद भी की दोनों मासूमों की हत्या

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सतना (मप्र) : धार्मिक नगरी चित्रकूट से गन प्वाइंट पर 12 फरवरी को  दिन दहाड़े स्कूल बस से अपहृत किए गए साल के जुड़वा भाइयों प्रियांश और श्रेयांश के शव पुलिस ने बांदा जिले के औगासी घाट से बरामद कर लिए हैं। रीवा आईजी चंचल शेखर ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने बच्चों के पिता बृजेश रावत से रिहाई की एवज में 20 लाख की फिरौती लेने के बाद बच्चों की हत्या कर शव यमुना नदी में डाल दिए थे। पुलिस ने इस सिलसिले में वारदात के मास्टर माइंड पदम शुक्ला निवासी जानकी कुंड समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल, 4 बाइक, एक बोलेरो और फिरौती  की रकम 20 लाख में 17 लाख 67 हजार भी बरामद की गई है। अपहरण की इस सनसनीखेज वारदात का मास्टर माइंड पदमशुक्ला नया गांव थाना क्षेत्र स्थित जानकी कुंड का रहने वाला है। पदम शुक्ला का घर घटनास्थल से कुछ ही फासले पर स्थित है। पिता रामकरण शुक्ला उर्फ शास्त्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के राम संस्कृत महाविद्यालय में प्राचार्य है और छोटा भाई विष्णुकांत उर्फ छोटू बजरंग दल का क्षेत्र सह संयोजक है। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों में विक्रमजीत सिंह जहां बिहार के बदलापुर का रहने वाला है। वहीं राजू द्विवेदी यूपी के बांदा जिले के बबेरु थाना अंतर्गत भभुआरामकेश यादव छेरा -बांदाआलोक उर्फ लकी सिंह तोमर तेंदुरा थाना बिसंडा और पिंटू उर्फ पिंटा यादव गुरदहा जिला हमीरपुर का रहने वाला है। राहगीरों के मोबाइल का करते थे उपयोग  आईजी ने बताया कि फिरौती के लिए अपहृत बच्चों के पिता से संपर्क करने के लिए अपहरणकर्ता राहगीरों के मोबाइल का इस्तेमाल किया करते थे। बदमाशों ने 2 करोड़ की फिरौती के लिए बृजेश रावत को पहला फोन 14 फरवरी को किया था। ये संपर्क इंटरनेट कालिंग के जरिए किया गया था।  आरोपियों ने हाल ही में एक राहगीर के मोबाइल से फिरौती के लिए जब काल करने की कोशिश की तो शक होने पर राहगीर ने बदमाशों के बाइक का नंबर यूपी 90 एल 5707 नोट कर पुलिस को इत्तला कर दी। ये बाइक राजू द्विवेदी निवासी भभुआ (बबेरु) की निकली। यहीं से पुलिस क्रमश: आरोपियों तक तो पहुंची मगर तब तक देर हो चुकी थी। अपहरण के आरोपियों ने साल के प्रियांश और उसके जुड़वा भाई श्रेयांश की हत्या कर शव जंजीर और पत्थर से बांधकर औगासी घाट पर यमुना नदी में डाल दिए थे। पहचान के डर से कत्ल बताया गया है कि वारदात में शामिल आरोपी रामकेश यादव चित्रकूट में किराए के मकान में रह कर कई जगह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया करता था। ये आरोपी चित्रकूट के आयुर्वेदिक दर्दनिवारक तेल कारोबारी बृजेश रावत के भी बच्चों को ट्यूशन दिया करता था। यही वजह थी कि पहचान के डर से फिरौती वसूलने के बाद भी अपहरणकर्ताओं ने दोनों बच्चों की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी।पुलिस की नाकामी के खिलाफ चित्रकूट में भडक़ा भीड़ का गुस्सापुलिस ने किया लाठीचार्ज चित्रकूट अपहरण कांड में एमपी-यूपी पुलिस की नाकामी के खिलाफ रविवार की सुबह भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की तादाद में गुस्साई भीड़ ने सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के मेनगेट को घेर लिया और देखते ही देखते पथराव शुरु हो गया। पत्थर लगने से पुलिस के भी एफएसएल वाहन को क्षति पहुंची। भीड़ ने परिसर के अंदर दाखिल होकर तोडफ़ोड़ करने की भी कोशिश की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने भी लाठियां भांजी और अश्रुगैस के गोले दागे। मौके पर पहुंचे जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर डा. सत्येन्द्र सिंह ने धारा 144 लागू करते हुए पुलिस को हर हालात से निपटने को तैयार रहने की हिदायत दी। चित्रकूट में तकरीबन घंटे तक हंगामा चला।

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