शराब पर सियासत

शराब पर सियासत

भोपाल : मध्यप्रदेश के आबकारी विभाग ने एक बार फिर अपनी शराब नीति में बदलाव करके देशी दुकानों पर अंग्रेजी मदिरा की बिक्री का प्रावधान कर दिया है। यह वही प्रावधान है जिसके चलते तीन साल पहले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नींद उड़ गई थी। इस नीति को लेकर मीडिया में आलोचना के बाद उन्होंने यह कहकर इसे वापस ले लिया था कि इसकी कल्पना मात्र से वह रात भर नहीं सो सके। आबकारी विभाग ने तब 200 करोड़ रूपए की सालाना आय बढऩे के अनुमान के साथ यह प्रावधान नई नीति में प्रस्तावित की था। लेकिन कमलनाथ को उनके अफसरों ने यकीन दिलाया है कि देशी दुकानों पर विदेशी शराब बिकने से सरकार को हर साल डेढ़ हजार करोड़ का मुनाफा होगा। नई नीति को लागू करने के लिए निर्वाचन आयोग से सहमति मांगी गई है जो मिल भी जाएगी। लेकिन सरकार की इस नीति से कई ऐसे सवाल खड़े होंगे जिनका उत्तर शायद उसके पास नहीं होगा। मोटे तौर पर देखा जाए तो जिस दुकान पर देशी शराब बिकती है वहां विदेशी मदिरा बिकने से भला क्या फर्क पड़ेगा? तर्क के लिहाज से देखें तो कुछ भी नहीं। न तो देशी शराब अमृत है और न विदेशी। दलील यह भी है कि गांव खेड़े में रहने वाले लोगों को क्या अंग्रेजी पीने का हक नहीं है? गांवों में अंग्रेजी शराब के ठेकेदार वैसे भी गुपचुप तरीके से विदेशी मदिरा मंहगे दामों की होम डिलेवरी कराते ही हैं। देशी दुकानों से अंग्रेजी शराब बिकेगी तो सरकार को लायसेंस फीस के रूप में मोटी रकम भी मिलेगी जो उसकी अतिरिक्त आय होगी। लेकिन मामला सिर्फ इतना ही नहीं है जो प्रकट रूप में दिखता है। इसके पीछे शराब लॉबी के लंबे चौड़े न्यस्त स्वार्थ हैं। प्रदेश में अभी अंग्रेजी शराब की मात्र 950 और विदेशी की 2200 दुकानें हैं। जाहिर है कि शिवराज सरकार की शराब की कोई नई दुकान नहीं खोलने की नीति को बदले बगैर विदेशी मदिरा की उपलब्धता 2200 दुकानों तक और हो जाएगी। यह तो एक तरह का सब्जबाग है जो कमलनाथ की काबीना को दिखाकर अफसरों ने शराब माफिया का काम आसान कर दिया है। लेकिन क्या सरकार को इस बात का इल्म है कि इससे कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी बिगड़ेगी। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा कि ये एक अनर्थकारी कदम है। सरकारी आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने किया है नीति में बदलाव।

वहीं शोभा ओझा, अध्यक्ष मीडिया विभाग का इस पूरे मामले पर कहना है कि शिवराज के राज में हर गली कूचे में शराब की दुकानें खुल गए थी और हम सभी जानते है शिवराज की सरकार में किस तरह का गुंडा राज था और मध्यप्रदेश हर गलत काम मे नम्बर वन था फिर चाहे वो रेप हो या मर्डर हो या अपहरण हो हर गलत काम मे मध्यप्रदेश नम्बर वन पर था।


 

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