चीरा लगाकर अफीम निकालने का काम शुरू

चीरा लगाकर अफीम निकालने का काम शुरू

मध्यप्रदेश : मंदसौर जिले में रविवार को मल्हारगढ़, नारायणगढ़, पिपलीया मंडी, समेत अन्य हिस्सों में किसानों ने मां कालिका की पूजा-अर्चना के बाद खेतों में अफीम डोडों पर विशेष औजार छरपला से चीरा लगाकर अफीम निकालने का काम शुरू कर दिया है। अफीम निकालने का यह काम एक महीने तक चलेगा। प्रतिदिन किसान 10 आरी के खेत में कुछ-कुछ हिस्सा कवर करते हुए डोडे से अफीम निकालेंगे। सुबह 6.30 बजे किसानों ने खेतों में पूजा-अर्चना के बाद डोडे पर चीरे लगाने की शुरुआत कर दी। सुबह 10 बजे तक यह क्रम चला। जो डोडे पक चुके उन्हें चीरा लगाया गया है और उनसे अगले दिन प्रातः काल में किसान अफीम निकालते हैं मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ तहसील समेत अन्य हिस्सों में किसानों ने 10 आरी के खेत में 8 से 10 क्यारियां बनाई। औसत हर दिन में दो से तीन क्यारियों में जाकर डोडों पर चीरा लगाया जाएगा। इस तरह दायरा कवर करते जाएंगे। इसके बाद अफीम निकालने तक की पूरी प्रक्रिया होगी।

 

अब मौसम बिगड़ा तो अफीम फसल में नुकसान तय

अगर अब बारिश या ओलावृष्टि होती हैं तो अफीम किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। चीरे लगे डोडे से अफीम धूल जाएगी। जिले में किसान पिछले सालों में कई बार इस परेशानी को झेल चुके हैं।

 

52 किलो प्रति हेक्टेयर देना अफीम जरूरी

 नई नीति के तहत इस बार किसानों को प्रति हेक्टेयर 52 किलो अफीम देना होगी। इसी तरह मार्फिन की मात्रा 4.9 किलो तय की गई है। इससे पहले के साल 2017-18 में अफीम की मात्रा 56 किलो थी, जिसमें 4 किलो की राहत दी गई, जबकि मार्फिन की मात्रा 5.9 प्रति किलो हैक्टेयर थी, जिसे 1 किलो तक कम किया है।

 

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