नदी में फेंकी चीजों से बनाए जाएंगे कागज

नदी में फेंकी चीजों से बनाए जाएंगे कागज

उज्जैन (मप्र) : मोक्षदायिनी क्षिप्रा नदी की सफाई के लिए निगम ने नई योजना तैयार की है। जिसके तहत नदी में फेंके जाने वाली पूजन सामग्री से अब कागज तैयार किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत फिलहाल नदी में फेंके जाने वाले कपड़े और अन्य से फाइल बनाने का काम शुरू भी कर दिया है। और अब इस प्रोजेक्ट को नदी के घाटो पर ले जाने की तैयारी की जा रही है। ताकि नदी मे फेंका जाने वाला कचरा हाथों-हाथ रिसाइकिल किया जा सके। मोक्षदायिनी क्षिप्रा को स्वच्छ रखने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे है। इन्ही प्रयासों के बीच नगर निगम ने क्षिप्रा में चढ़ाए जाने वाले निर्माल्य, कपडे और पत्रिका आदि से कागज बनाने की योजना बनाई है। टेस्टिंग के तोर पर पायलेट प्रोजेक्ट की शुरूआत भी कर दी गई है। जिसके तहत नगर निगम की वर्कशॉप में फिलहाल क्षिप्रा के कचरे से शासकीय विभागों में उपयोग की जाने वाली फाइल ओर पेपर बेग बनाए जा रहे है। क्षिप्रा में फेंके जाने वाले कपड़ो और अन्य सामग्री के बारिक टुकडे करके मशीन के द्वारा इसकी लुग्दी तैयार की जाती है जिसका उपयोग फाइल शीट तैयार करने में किया जाता है। फाइल शीट को सुखाकर और प्रेशर मशीन से सीधा करके फाइल पेपर तैयार किया जाता है। इस फाइल पेपर का उपयेाग निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों में दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए फाइल के रूप में किया जा रहा है। प्लांट में तैयार हो रही फाइल और पेपर बेग की खास बात ये है कि ये क्षिप्रा के कचरे से तैयार किए जा रहे है पूरी तरह इन्वायर फ्रेंडली है। इसके साथ ही  इनकी लागत बाजार से तीन गुना कम है। जिसके चलते प्रोजेक्ट को अब नदी के घाटों पर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल वर्कशॉप में संचालित प्लांट को मंगलनाथ घाट पर शिफ्ट किया जाएगा। जिससे यहां फेंका जाने वाला कचरा हाथो-हाथ रिसाइकिल किया जा सके। इसके बाद इस प्रकार के प्लांट सभी घाट पर लगाए  जाएगें। 

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