टाईगर हुआ रिटायर

टाईगर हुआ रिटायर

बैतूल : मध्य प्रदेश के बैतूल में रेलवे पुलिस आरपीएफ के डॉग स्कॉड में पदस्थ एसआई रेंक का टाइगर नाम का डॉग शनिवार को रिटायर्ड हो गया है । टाइगर के रिटायर्ड होने पर आरपीएफ ने उसे विदाई पार्टी दी । टाइगर को अतिथियों ने माला पहनाई । अब टाइगर मेनका गांधी के एनजीओ पीपल्स फ़ॉर एनिमल वेलफेयर को सौंप दिया गया । बताया जा रहा है कि कुम्भ का मेला हो या फिर किसी भीड़भरी मेल एक्सप्रेस का मामला हर जगह टाईगर की तूती बोलती थी। उसके नाम से अच्छे अच्छे अपराधी उठाईगिरी कांपते थे। जब टाइगर निकलता था तो अपराधी रफूचक्कर हो जाते थे। कभी जानलेवा विष्फोटको को तलाशने में उसकी महारत का लोहा अच्छे अच्छे मानते थे। लेकिन उम्र ने टाइगर को तोड़ कर रख दिया। सब इंस्पेक्टर टाइगर आज अपनी ईमानदार, चुस्त और तेज तर्रार सेवा से रिटायर हो रहा है। हम बात दस साल छह माह के स्नाइफर डॉग टाइगर की कर रहे है। उसमे विस्फोटकों को सूंघने, नशीले पदार्थो का पता लगाने की अद्भुत क्षमता थी। लेब्राडोर प्रजाति का यह डॉग आरपीएफ पुलिस को बीते 10 साल से सेवा दे रहा था लेकिन उम्र ने उसे तोड़कर रख दिया। सामान्य तौर पर उसमें पहले जैसी तेजी दिखती है। लेकिन चिकित्सकीय रूप से वह अक्षम हो गया है। टाइगर की चुस्ती फुर्ती के जरिये आम लोगो की सुरक्षा में जुटे रेल सुरक्षा कर्मी उसकी सेवाओ के कायल है। हैंडलर बताते है कि टाइगर से अपराधी कांपते थे। टाइगर के खुद से जुदा होने के लम्हो को याद कर वे दुखी हो जाते है। जबकि टाइगर को बचपन से लेकर अब तक उसकी खुराख से लेकर उसकी चाल ढाल और उसके स्वास्थ्य की निगरानी करते रहे डॉक्टर मृदुला सिन्हा भी उसकी जवां दिली पर फख्र करती है। वे बताती है कि उन्होंने टाइगर को उसके बचपन से देखा है। तेजतर्रार टाइगर एक्सप्लोजन का स्नाइफर रहा है। उसके सूंघने की शक्ति दूसरे श्वान से कही बेहतर रही है। -डॉ मृदुला का कहना है की टाइगर की एज 10 साल 6 महीने हो गई थी और उसका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं था| इसलिए उसे रिटायर कर दिया है एक्प्लोसिव एक्सपर्ट टाइगर की सूंघने की क्षमता अच्छी थी यह नशीले पदार्थ और विस्फोटक सामग्री को जल्दी सूंघ लेता था इसे देखकर अपराधी भी डरते थे|

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