उफ्फयह, ट्विटर कि मोहब्बत

उफ्फयह, ट्विटर कि मोहब्बत

मंदसौर (मप्र) : कहते हैं कि मोहब्बत कोई सरहद मजहब या मुल्क नहीं देखती। दिलो में अगर मोहब्बत परवान चढ़े तो दो मुल्को की दूरिया भी सरहदे लांघ आती है।  दरअसल फरवरी का महीना प्रेमियों के लिए ख़ास होता हे ,,,और जब वेलेंटाइन वीक में प्यार जीवनसाथी बन जाए तो खुशियाँ दुगुनी हो जाती हे।  

हम बात कर रहे है मंदसौर के युवक गोविन्द और श्रीलंका युवती हंसनी की जिनके प्यार ने दो मुल्को की सरहदों को पार करते हुए विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए। गोविंद मंदसौर में छोटे से गाँव कुचड़ोद का निवासी हे,,जबकि हंसिनी श्रीलंका की है। दोनों की मुलाकात ट्वीटर के जरिये हुई। ट्वीटर से शुरू हुई दोस्ती को  स्काइप के वीडियो कॉल ने प्यार में बदल दिया। फिर दोनों ने तय किया की वे एक दूर के जीवनसाथी बनेंगे। बीते रविवार को बसंत पंचमी के अवसर पर दोनों विवाह के बंधन में बंधे| जहाँ गोविन्द के परिवार सहित हंसिनी का परिवार भी मौजूद रहा। दूल्हा बने गोविन्द अपनी हंसिनी के मिलने से बेहत खुश है।  गोविन्द का कहना है की पहली बार ट्वीटर के जरिये मिले फिर तय किया की हंसिनी किसी तरह भारत पहुंचे और यहाँ की संस्कृति भाषा को समझे। तब हंसिनी  किसी तरह अपने परिजनों को कन्वेंस कर पढ़ाई के बहाने भारत पहुंची। यहाँ हंसिनी ने फिजियो थेरेपिस्ट का कोर्स किया जबकि गोविन्द ने  बीइ की पढ़ाई पूरी की हे। दोनों ने अपने परिवार को दिलो की बात बताई इसके बाद परिवारों की सहमति से दोनों ने धूम धाम से विवाह रचाया। ,,,हंसिनी के  पिता श्री लंका में सुप्रीम कोर्ट के वकील है जबकि माँ प्रोफ़ेसर है। वे भी इस रिश्ते  से बेहद खुश है। हंसिनी के माता पिता बौद्ध धर्म से होने के चलते चाहते थे की बेटी का ससुराल शाकाहारी हो,, गोविन्द का शाकाहारी परिवार श्रीलंका के पुण्यरत्ने इंद्रीसिंघे को  इतना भा गया की उन्होंने अपनी बेटी हंसिनी का हाथ भारत के गोविन्द को सोप दिया । बीते रविवार दोनों सात फेरो के बंधन में बंध गए। 

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