उफ्फ़ शिक्षा व्यवस्था का ऐसा हाल

उफ्फ़ शिक्षा व्यवस्था का ऐसा हाल

आगरमालवा : मध्यप्रदेश में सत्ता चाहे भरतीय जनता पार्टी की हो या कांग्रेस की हो लेकिन कोई भी सरकार शिक्षा विभाग को सुधारने का जिम्मा नही लेती। मध्यप्रदेश में शिक्षा विभाग हर समय सवालों के घेरे में रहता है और सवालो के घेरे में रहना मुनाजमीय भी है। ऐसा ही एक नजारा मध्यप्रदेश के आगर मालवा में देखने को मिला यहां आये दिन स्कूलो में ताले लगे होते है। शिक्षा विभाग के जवाबदारों का इस ओर कोई ध्यान नही है। इस जिले मे जिम्मेदार इतने लापरवाह है कि जो शिक्षक समय पर स्कूलों में अपनी सेवाएं नहीं दे रहे है उनकी शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नही करते ।

बता दें मध्यप्रदेश का 51 वां जिला है आगर मालवा सन् 2013 में इस जिले को मध्यप्रदेश सरकार ने नवनियुक्त किया था। सोचा था नया जिला है जिम्मेदार अधिकारी शायद यहाँ लापरवाही नही बरतेंगे। लेकिन यहां मांजरा कुछ और ही देखने को मिला।

दरअसल आगर मालवा के नलखेड़ा विकासखंड में सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपनी सेवाएं सही से नही दे रहे है। आगर मालवा जिले में शिक्षा मंडल और जिले के कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अप्रेल माह में बच्चो के स्कूल सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े बारह बजे तक खुलेंगे। लेकिन नलखेड़ा के टोलकियाखेड़ी ग्राम का शासकीय स्कूल कलेक्टर अजय गुप्ता और शिक्षा मंडल के नियमो की और आदेशों की धज्जियां उड़ाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है । इस टोलकियाखेड़ी स्कूल को खुले कई दिन हो गए है। यहां स्कूलो में ताले लगे मिले स्थानीय प्रशासन ने भी अभी तक कोई सर्वे नही किया।

खास बात तो यह है कि इस स्कूल के टीचरो को क्या खूब ज्ञान है। इस विद्यालय में न तो बच्चो के लिए खेल सामग्री और न ही पानी की कोई उचित व्यवस्था है। 

अब देखना होगा कि इन लापरवाही बरतने वाले और शिक्षा को मजाक समझने वाले शिक्षकों पर कब गाज गिरेगी। जिले के शिक्षा विभाग के जवाबदार और आगर मालवा कलेक्टर ऐसे शिक्षको पर कब तक कार्यवाही करते है। या फिर से जैसा होता आया है। कि कार्यवाही के नाम पर कागज पूर्ति होती है यह देखने का विषय होगा।

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