आज़ादी के गुज़रे 75 साल । उफ्फ़ फिर भी विकास ..बदहाल


खबर थोड़ी पुरानी है लेकिन साहब इस जगह की समस्या तो..बरसों पुरानी है ।
थमें थे कि इस बार तो खुद सरकार ही समस्या में फंस गई तो कुछ निपटारा होगा लेकिन उफ्फ़ जो आज़ादी 75 सालों में न हो पाया तो भला दो दिन में खाक होता ।
सुनिए दास्तान ..छतरपुर जिले का नाम तो आपने सुना ही होगा । बस इसी जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र में बसा है.. हिरदेपुरवा गांव  ।
इस गांव ने आज़ादी तो देखी लेकिन पक्की सड़क न देख पाया । अलग थलग पड़े इस   गांव में आज तक विकास का "वि" तक नही पहुंच सका ।
चोट तब हो गई जब सत्ताधारी दल के विधायक जी की शानदार गाड़ी ने कच्ची सड़क देखकर आगे जाने से ही इंकार कर दिया । कच्ची सड़क ने महंगी गाड़ी का दम टूट तोड़ कर रख दिया ।
मजबूरी थी...ट्रेक्टर पर चढ़ना पड़ा । अब सोचिए..सड़क के हालात इतने खराब थे कि ट्रेक्टर भी कीचड़ में धंस गया ।
क्या करते विधायक महाराज ..वाहन सुख छोड़ पैदल किनारा पकड़ जाना पड़ा ।
दरअसल चंदला विधानसभा से भाजपा के राजेश प्रजापति विधायक है । गांव में नए बने सरकारी स्कूल का उदघाटन करना था । बड़े जोश से आए लेकिन उफ्फ़ सड़क ने गच्चा दे मारा ।
मौका देखकर ग्रामीणों ने अपनी मांग को बुलंद कर दिया । गत बन चुकी थी तो क्या करते नेता जी । आश्वासन पकड़ा दिया ।
वैसे इस गांव को सड़क कब नसीब होगी... उपर वाला जाने लेकिन घटनाक्रम के बाद उफ्फ़..नेता जी की बत्ती तो जल ही गई होगी