छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सब शांत ? या फिर तूफान के पहले की शांति


 रायपुर में सजा एक मंच और उस पर दो नेता  ...  | जिसने देखा .. उसकी तीन चार वार पलक झपक ही गई |

यह क्या ? कल तक जो थे आमने सामने और आज अगल बगल बैठे हैं | 

जी साहब यह तस्वीर देखिए  .. | चौंकिए मत  ..  एकदम ताज़ा है | सही पहचाने, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री टी.एस.सिंहदेव ही हैं |
 एक कार्यक्रम में मंच साझा करते दिखे तो चर्चा लपक झपक करने लगीं | 
सवाल कूदने लगा कि कुर्सी वाला शीत युद्ध थम गया है या फिर यह शांति चंद दिनों की मेहमान बन कर आई है | 
 
क्यों है चर्चा में  बघेल और सिंहदेव ?
 
 
दोनों नेता एक फार्मूले के चलते आमने सामने आ गए | कथित फार्मूले के अनुसार अब वो वक्त था जब मुख्यमंत्री का पद सिंहदेव के हवाले किया जाना था | बघेल ने चुप्पी पकड़ ली और आलाकमान भी शांत था लेकिन बाबा अपने हक़ को लेकर भड़क लिए | जब मामला तनिक भी आगे न खिसका तो राशन पानी लेकर दिल्ली में ही डेरा डाल मारा | उठापटक देख आलाकमान सरसराया | बघेल को तलब किया गया और फार्मूले की याद दिलाई | हाथ आई सत्ता को भला कौन छोड़ता है ? बघेल भी अड़ लिए | दबाव की रणनीति के तहत बघेल समर्थक विधायकों ने भी भारी संख्या में दिल्ली कूच कर दिया | मान मनोव्वल,आश्वासन और प्रियंका गांधी के दखल के बाद फिलहाल तो बघेल की कुर्सी बची रह गई | लेकिन बाबा मानने तैयार नहीं | संकेत दे चुके हैं  ... जल्द कुछ होगा ? 
 
आखिर क्या था फार्मूला,जिसको लेकर बढ़ा बवाल 
 
 
चलिए फ्लैशबेक में चले आइये | भाजपा को चकरघिन्नी करके कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की सत्ता में कब्जा किया | जीत तो मिली लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में घमासान मच गया | सबसे बड़ी दावेदारी टी.एस.सिंहदेव की मानी गई | फेहरिस्त में कई और नाम भी कूदे लेकिन बाजी मारी भूपेश बघेल ने | चर्चाओं में सामने आया कि एक फार्मूले के तहत तय समय के लिए बघेल मुख्यमंत्री बनाए जाएंगे | फार्मूले के अनुसार ढाई साल तक बघेल और अगले ढाई के लिए मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सिंहदेव के हवाले होगी | पहले मौक़ा दिया गया बघेल को | ढाई साल तो ठीक बीते लेकिन जब देखा कि उन्हें मौका देने को लेकर कोई हलचल नहीं तो सिंहदेव असल रूप में आ गए | 
 
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आगे क्या होगा यह तो ऊपर वाला जाने ? लेकिन एक बात साफ़ है कि न तो बघेल आसानी से हथियार डालना मंजूर करेंगे और न सिंहदेव मौक़ा छोड़ना चाहेंगे | तब तक उफ्फ . कयासों के चटखारे आप भी लीजिए