Congress का बड़ा फैसला । खोले जाएंगे मंजीरे केंद्र । बुजुर्ग नेताओं को मिलेगी अहम जिम्मेदारी । युवा नेताओं को निभाना होगा यह कार्य । सोचिए मत बल्कि सुन लीजिए..आखिर क्यों खनकेगें मंजीरे


कांग्रेस कार्यालय में आज कुछ अधिक ही हलचल थी । गंभीर मुद्दा था तो आनन फानन में बैठक बुलाई गई  । बहुत ज़रूरी था,इसलिए पार्टी के सभी कर्णधार जुटे । कोई अपने जोड़ो के दर्द को सहकर,कोई बीपी की गोली गटक तो कोई दिल दबाए बैठक में पहुंचा ।
सदस्यों की सेहत को मद्देनज़र रखते हुए मीटिंग हॉल में कुर्सियों की बजाए गद्दों का इंतज़ाम किया गया था । चंद अतिउत्साही युवा नेता भी आ गए । तो उन्हें बाहर रखे जूते चप्पलों की निगरानी जैसे विशेष कार्य की जिम्मेदारी सौंप दी गई ।
हॉल में खांसने,गहरी गहरी सांसों के साथ जोड़ो में अचानक उठे दर्द की कसक गूंज रही थी ।
सांसों को जमा करके बड़ी मशक्कत के बाद नेताइन बोली ...।
राजनीति का धंधा अब कचरा हो गया है । मतदाता का हम पर भरोसा नही और हमे अपनों पर.. । एक तो सत्ता की दुकान नही खुल रही । और जहां किस्मत से खुल गई, वहां अपने भाई बंद रायता फैलाओ प्रतियोगिता में जबरदस्त व्यस्त हैं । एमपी में  मुआं सिंधिया का लड़का लील गया । राजस्थान में पॉयलट का हवाईजहाज लेंड होने का नाम नही ले रहा । पंजाब में सिद्धू अपने कॉमेडी सर्कस में लगे हैं । अब बचा था छत्तीसगढ़..वहां भी कुर्सी पकड़ो का आयोजन शुरू हो गया ।
 यह आजकल के लड़कों ने तो और भी मनमानी शुरू कर दी है । अजीब बातें करते हैं..बदलाव,नई सोच,विकास नवाचार बोल बोल कर...हमारे दिमाग का अचार बना डाले हैं ।
तय है...हम न बदले हैं और न बदलेंगे । चाहे तो पार्टी निपट जाए । हम अपना खूंटा पकड़कर बैठे रहेंगे ।
लेकिन अब बड़ा सवाल कि जब सत्ता नही ..राजनीति में कोई पूछ नही रहा तो हम क्या करेंगे ।
तो इस पर मैंने और बाबा जी ने  गंभीरता से सोचा है ।
हम जल्द ही "मंजीरा वादन केंद्र" शुरू करने जा रहे हैं  ।
कमेटी बनेगी । हम राष्ट्रीय स्तर से लेकर तहसील स्तर तक इन केंद्र को स्थापित करेंगे । जहां... सारे वरिष्ठ कांग्रेसी मिलकर मंजीरे बजाया करेंगे ।
और हां युवाओं की भी सक्रिय भूमिका रहे इसलिए तय किया है कि जैसे आज बैठकर जूते चप्पलों की निगरानी कर रहें है..वैसे ही केंद्र के बाहर बैठकर पार्टी की द्वारा दी गई इस बड़ी जिम्मेदारी निर्वाह करेंगे ।
हॉल में बैठे बुर्जुग नेताओं के पोपले गाल हवा से फूल गए । मिचमिचाती आंखों में मानो 20 वॉट का बल्ब जल उठा । आलाकमान के फैसले पर सहमति की मोहर लगाकर एक साथ बोले...उफ्फ़..काम न कुछ हम आएंगे..मंजीरे खूब बजाएंगे