मप्र सरकार का बड़ा फैसला । पढ़ो वेद,पुराण और उपनिषद


पुस्तकों में चिपटे इतिहास में मुगलों को पढा तो अन्य विदेशियों से जुड़ी जानकारियों को खूब रटा ।

तय रणनीति के चलते वो दिमाग में ठूंसा जाता रहा,जो हमारे नौनिहालों को उनकी जड़ों से दूर करता गया । लेकिन साहब अब धर्मग्रथों के साथ महापुरुषों और देश के गौरवशाली इतिहास को भी ताज़ा कराया जाएगा ।

देर आए लेकिन दुरुस्त आए ।

इस सरकारी फैसले के बाद यह आशा कि जा सकती है कि...नई पीढ़ी में संस्कार और नौतिकता की जड़ें और मजबूत होंगी ।

तो साहब मप्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने एक जबरदस्त फैसला लिया है । जिसके अनुसार ग्रेज्युएशन के दर्शन शास्त्र में नया पाठ्यक्रम जोड़ा जाएगा । अब छात्रों को तुलसीदास,भगवान राम जैसे महापुरुषों के साथ वेद,उपनिषद और पुराणों को भी पढ़ाया जाएगा ।

नई शिक्षा नीति के तहत इसी सत्र से यह सिलेबस लागू होगा । हालांकि यह विषय वैकल्पिक होगा ।

बहुत सम्भव है कि इस सरकारी फैसले को सियासी रंग भी दिया जा सकता है । लेकिन गंभीरता से सोचेंगे तो यह फैसला देश,समाज हित के साथ युवाओं के भविष्य निर्माण में भी सहायक सिद्ध होगा