सीएम भूपेश बघेल का जाना तय ? दिल्ली भी फार्मूले की शर्तों के पक्ष में


 आखिरकार कांग्रेस सत्ता वाले एक और राज्य में बड़ा सियासी तूफान आ ही गया है | मसला है सत्ता बदलाव को लेकर | तो क्या सत्ता बघेल को ठेंगा दिखाकर सिंहदेव के आँगन में थिरकने को तैयार है ? सवाल इसलिए क्योंकि सत्ता से जुड़े फार्मूले को लेकर सियासी बवाल है और दिल्ली भी समझौते की शर्ते पूरी हो,इस पक्ष में है ! 

रिपोर्ट - विनीत रिछारिया 

 

 
 
     हालांकि दिल्ली दौरे के बाद खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अटकलों  पर विराम लगाते हुए दो टूक कहा कि…ढाई-ढाई साल का राग अलापने वाले सरकार के खिलाफ साजिश कर उसे अस्थिर करना चाहते हैं | बघेल यहीं नहीं रुके बल्कि साफ़ साफ़ शब्दों में कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री आलाकमान ने बनाया है, सोनिया-राहुल जिस दिन कहेंगे वे CM का पद छोड़ देंगे। लेकिन अब दिल्ली के हवाले से खबर है कि आलाकमान ने भूपेश को विदा होने का इशारा कर दिया है | उछलते सूत्रों की माने तो आलाकमान का मत है कि समझौते के अनुसार भूपेश बघेल को स्वम् ही सत्ता सिंहदेव को सौंप देनी चाहिए | 
 
 
 
 दिल्ली दौरे के बाद रायपुर लौटे बघेल का उनके समर्थकों ने जीत जैसा स्वागत किया | लेकिन वहीँ सिंहदेव समर्थक रायपुर से लेकर दिल्ली तक सक्रिय नज़र आए | शांत और सरल सिंहदेव भी इस बार मौक़ा नहीं चूकना चाहते हैं | सक्रियता साफ़ कहती है कि सिंहदेव फार्मूले को लेकर समझौता करने के किसी भी प्रकार के मूड में नहीं हैं | 
 
 
   दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं और राहुल गांधी की बैठक के बाद अब सियासी समीकरण तेज़ी से बदले हैं | मुख्यमंत्री बघेल के तीखे अंदाज से नहीं लगता है कि सहज भाव से कुर्सी छोड़ने को तैयार होंगे | वहां दूसरी ओर सिंहदेव भी आर पार की जंग के फुल मूड में हैं | सूत्रों के अनुसार आलाकमान का झुकाव भी सिंहदेव की ओर है | ऐसे में देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है |