चीन ने दिखाया अपना रंग,तालिबान के प्रति दिखा सॉफ्ट कार्नर


 अफगानिस्तान का संकट अब दुनिया के लिए चिंता का सबब बन गया है | इस सबके बीच चीन बोला है | चीन ने बड़े ही सधे अंदाज में अपना बयान ज़ारी किया है | पाक का सहयोगी माने जाने वाले चीन,तालिबान के प्रति झुका हुआ साफ नज़र आ रहा है | 15 अगस्त को तालिबान काबुल के अंदर जा घुसा और औपचरिक तौर पर सत्ता सम्हालने की घोषणा कर दी | राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी सहित कई बड़े नेता देश छोड़कर दूसरे देशों में शरण ले चुके हैं | आम जनता में डर का माहौल है | एयरपोर्ट पर लोगो जमावड़ा है और देश छोड़ने के लिए हर सम्भव प्रयास ज़ारी है |

बेकाबू हालातों के बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी की है |

चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनियांग ने कहा है कि चीन अफ़ग़ानिस्तान के लोगों का अपनी किस्मत और भविष्य का फ़ैसला करने के अधिकार का सम्मान करता है | उन्होंने कहा कि चीन अफ़ग़ानिस्तान के साथ दोस्ताना सहयोग विकसित करना चाहता है | उम्मीद है कि तालिबान बातचीत के माध्यम से एक खुली और समावेशी इस्लामी सरकार स्थापित करने की अपनी पिछली प्रतिज्ञाओं को लागू करेगा और अफगानिस्तान में अफगान नागरिकों और विदेशी मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी से कार्य करेगा | 

        चीन सरकार ने यह भी जानकारी दी कि वहाँ रह रहे ज़्यादातर चीनी नागरिकों को पहले ही व्यवस्था करके चीन वापस बुला लिया है,जबकि कुछ चीनी नागरिकों ने वहाँ रहना उचित समझा. चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद चीन के नागरिक सुरक्षित हैं |