दावा था नौकरी का और उफ्फ़ मिली..लाठी


 मध्यप्रदेश में मामा शिवराज की सरकार है | सार्वजनिक मंच से लेकर कागजो तक युवाओं की सरकार का होने का दावा है | तो खुश रहिए  .... इन वादों से ही ज़िंदगी आगे बढ़ाते रहिए | क्योंकि वादें होते ही हैं करने के लिए  .. सो कर दिए गए | प्रदेश के युवा भी वादों पर भरोसा करके खुश हो लिए | वक्त गुज़रा,परिणाम नहीं बल्कि सिर्फ पुराने वादों का झुनझुना ही हाथ लगा | निराश होकर युवा जब वादा याद दिलाने के लिए सरकार के दरबार पहुंचे तो आश्वासन तो छोड़िए  ..  लाठियों से स्वागत हुआ | तस्वीरें देखिए  ... सियासत का असल रंग दिखेगा | 

 

मामला भोपाल का है | बेरोजगारी से पीड़ित युवाओं का सब्र छूटा तो आक्रोश सड़को पर ले आया | सभी की एक सुर में मांग थी कि नौकरियां उपलब्ध कराई जाए | चूँकि लम्बे वक्त से सरकारी विभागों में रिक्त पदों को लेकर भर्तियां लंबित हैं | तत्काल सरकार इस ओर ध्यान दे | 

मांगों को लेकर प्रदेश के अलग अलग स्थानों से आये बेरोजगार युवकों ने प्रदर्शन किया | यह बेरोजगार युवा साझा मंच मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेन्ट के बैनर तले जुटे थे | 
सरकार को यह प्रदर्शन कतई नहीं भाया | फिर क्या था नौकरी की मांग तो पूरी नहीं हुई उसके पलट लाठियां ज़रूर मिली | 
 
 
 
लाठी चार्ज में बेहोश हुआ घायल युवक 
 
 
पिछले 2 साल से नहीं हुई कोई सरकारी भर्ती 
जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश में पिछले 2 साल से कोई भी सरकारी भर्ती नहीं आयी है। MP पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के फॉर्म भरे हुए उम्मीदवारों को भी करीब 8 माह हो चुके हैं और अभी तक परीक्षा नहीं हो पायी है। वही  पिछले 11 साल से शिक्षक भर्ती नहीं हुई है, जो अभ्यर्थी शिक्षक पात्रता परीक्षा में पास हो चुके हैं, अपने डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन  करवा चुके हैं उन्हें भी पिछले 3 साल से अपनी नियुक्ति का इंतजार है। चाहे पुलिस, नर्सिंग या पैरामेडिकल स्टाफ की समस्याएं हो, किसी भी विभाग में भर्ती प्रक्रिया सुचारु रूप से नहीं चल रही है। भर्ती प्रक्रिया में सरकार की उदासीनता को देख बुधवार को उम्मीदवार छात्रों ने भोपाल के नीलम पार्क  पर  प्रदर्शन किया जहाँ पुलिस बल ने उन पर लाठी चार्ज किया।  जिसमे दर्जनों छात्रों को गंभीर चौटे आई हैं।