कलेक्टर साहब गिरे और नप गया किसान..उफ्फ


 
सावधान...बड़े साहब जब कही गुज़र रहें हो तो....रास्ता साफ करके रखिए...कोई कांटा, कंकर या फिर किसी तरह की रुकावट आने की गुस्ताखी न हो..। और यदि ऐसा हुआ तो यह शासकीय सेवा में बाधा माना जायेगा और आप दंड के अधिकारी होंगे । 
क्या हुआ...न दिमाग के पेंच ढीला हुआ और न ही मज़ाक का मूड है । 
न मानो तो उस बेचारे किसान से पूछ लो...जो चला तो था मेहमान नवाजी को लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि लेने के देने पड़ गए । 
सुनिए कहानी ....साहब बहादुर पहुंचे तो थे...समस्या का हल निकालने..लेकिन खुद की लापरवाही के चलते चोटिल हो गए और बिल फट गया ...बेचारे जमीन मालिक किसान के नाम पर ।
साहब कलक्टर (Collector) है...बोले तो जिले के मालिक ..हुजुर के चरण पड़े ..नरसिंहपुर (Narsinghpur) जिले गोटेगांव अंतर्गत आने वाले रामनिवारी गांव में । मूंग (Moong) खरीदी से जुड़ी चर्चा थी । बैठक जमी किसान भानु जैन के घर । 
चर्चा चल ही रही थी कि सहाब का फोन घनघना उठा । साहब उठे और बात करते हुए आगे बढ़ने लगे । चंद कदम ही बढ़े थे कि अचानक फेसिंग के तार में फंसकर गिर गए । ज़ाहिर है चोट भी आई । 
बस फिर क्या था साहब का गुस्सा आसमान पर । एसडीएम को आदेश हुए और थाने में किसान भानु के खिलाफ मामला दर्ज हो गया । धारा लगी 186 एवम 341 । 
खबर मिलने के बाद से ही भानु के  हाल बेहाल हैं । बोलना तो छोड़िए...होश फाख्ता हुए पड़े हैं ।
गलती किसकी थी...आप खुद ही निर्णय लीजिए लेकिन हकीकत में तो यही सही है कि...उफ्फ़ समरथ को नही नही दोष गुसाई...