मप्र के अमन चैन के खिलाफ साज़िश ! आखिर कौन है इसके पीछे ?


मध्यप्रदेश की आवोहवा मानो किसी  बुरी नज़र का शिकार होंने जा रही है । बीते दिनों  दो वीडियो ने सिसायत से लेकर आम जनता तक सभी को हिलाकर रख दिया । ज़हरीली मानसिकता में पगे दो वीडियो बीते सप्ताह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए। किसी साजिश की ओर गहरा इशारा करते हुए यह दो वीडियो अपना ज़हर फैलाने की ओर है । दोनो घटनाओं के पीछे किए जा रहे दावे और सच के बीच एक महीन लकीर
है जो स्पष्ट होना आवश्यक है ।  

उज्जैन में पाक जिंदाबाद के नारे गूंजे । मामला बढ़ा तो सियासत भी गरमाई । भाजपा नेताओं के साथ खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी बयान आया । जिसमें इस घटना पर तीखा निशाना साधा गया । पुलिस ने मामला दर्ज कर 7 लोगों को अरेस्ट कर लिया ।

दूसरी घटना मप्र की व्यवसायिक राजधानी इंदौर से है । जहां एक मुस्लिम चूड़ी वाले को जमकर पीटा गया ।  पीटने वालों लोगों के वीडियो में चेहरे दिखने पर भी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसे लेकर सोशल मीडिया में नाराजगी है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से राष्ट्रधर्म निभाने को कहा जा रहा है।

रविवार को वायरल हुए इंदौर के एक वीडियो में हिंदु बहुल इलाके में चूड़ी बेचने को लेकर एक मुस्लिम युवक को भीड़ पीटती दिख रही है। यही नहीं भीड़ द्वारा मुस्लिम युवक को पीटते हुए हिंदु बहुल इलाके में कभी न घुसने की चेतावनी भी दी जाती है। पीटने वालों का कहना है कि मुस्लिम युवक चूड़ी बेचने के बहाने छेड़छाड़ कर रहा था।

वीडियो वायरल होने पर पहले तो पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। जब चूड़ी वाले को लेकर बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे जब कहीं जाकर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। इस दौरान तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए आठ थानों का बल भी बुला लिया गया था।

इधर प्रदेश में बढ़ रही जहरीली मानसिकता और पुलिस की पक्षपाती भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर चिंता जताई जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से राष्ट्रधर्म निभाते हुए इन मामलों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है-

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

इंदौर से पहले सोशल मीडिया में उज्जैन का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ‘पाक जिंदाबाद’ के नारे सुनाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होने पर प्रदेश भाजपा तक के नेताओं ने इस मामले पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। यहाँ तक कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि हम इस घटना पर सख्त कार्रवाई करेंगे, हम प्रदेश में तालिबानी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुलिस ने इस मामले में तत्काल सात लोगों को अरेस्ट भी किया था।

हालांकि यह भी दावा किया जा रहा है कि वीडियो एडिटेड है । वीडियो में काज़ी साहब जिंदाबाद के नारों को एडिट कर पाक जिंदाबाद में बदल दिया गया है।अब जिन 7 लोगों को पुलिस ने इस केस में अरेस्ट किया था उनकी रिहाई की मांग भी उठ रही है। साथ ही यह कहा जा रहा है कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए किसी भी तरह की उकसावे की घटनाओं पर पुलिस प्रशासन सख्त रहे।

वीडियो और बढ़ते तनाव के बीच आवश्यकता है कि सच सामने आए । हालांकि  पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है ।

क्या सच और क्या झूठ । यह जांच के परिणाम ही बता सकते हैं लेकिन उफ्फ़..यह तय है कि कुछ न कुछ तो है जो शांत प्रदेश को गलत दिशा में ले जाने के लिए किया जा रहा है