फ़ूड आर्मी,जिसकी जंग किसी आतंकी या फिर दुश्मन देश से नहीं बल्कि ? पढ़िए फिर आप भी कहेंगे..उफ्फ,क्या बात है


फ़ूड आर्मी .... वो आर्मी,जिसका मुकाबला दुश्मन देश या फिर आतंकियों से तो नहीं बल्कि प्राकृतिक आपदा के मारे असहाय,मज़बूर लोगों की सालती भूख से है | समय के साथ इस आर्मी ने अब एक और मोर्चा सम्हाला है और वो है... पर्यावरण संरक्षण | इस आर्मी की चर्चा आज हर जगह है क्योंकि सोच और कदम दोनों सराहनीय है | 

जानिए फ़ूड आर्मी को  

प्लास्टिक  की थैलियों के अधिक इस्तेमाल से पर्यावरण पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता हैं। इस मसले को पर्यावरण के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देखते हुए मुंबई के कुछ जागरूक लोगों के एक समूह ने ‘फूड आर्मी’ बनाई है, जिसने पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने का बीड़ा उठाया है। एक डेमो मिशन के रूप में फूड आर्मी के 1,000 से अधिक सदस्यों के एक समूह ने प्लास्टिक बैग का उपयोग करके 6 फीट और तीन फीट की चटाई बनाने की परियोजना शुरू की है।

बेघर और जरूरतमंदों की कर रहे मदद

खास बात यह है कि इस ‘फूड आर्मी’ को 6 महिलाओं की एक कोर टीम द्वारा संचालित किया जाता है। ‘फूड आर्मी’ के सदस्य इस्तेमाल किए हुए प्लास्टिक बैग्स से बेघर और जरूरतमंदों के लिए चटाई, गद्दे, तैयार कर रहे हैं। इससे जहां महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं मकसद धरती से प्लास्टिक के कचरे को कम करके, पर्यावरण को संरक्षित करना भी है। इस पहल की शुरुआत कुछ महीने पहले शहरभर से प्लास्टिक इकट्ठा करने के अभियान से हुई थी।

मुंबई के कुछ जागरूक लोगों के एक समूह ने बनाई फूड आर्मी

स्वयंसेवकों ने मुंबई के 50 केंद्रों से हर महीने अभियान चलाकर पॉलीथिन बैग, किराने की पैकेजिंग बैग और रैपर इत्यादि इकट्ठे किए। फिर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिलाओं को चटाई बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। एकत्रित प्लास्टिक को शॉर्ट किया गया, धागे के रूप में काटा गया और बुनाई कर 6 फीट और तीन फीट की चटाई में परिवर्तित किया गया।

पर्यावरण की रक्षा करने का अनूठा तरीका 

खास बात यह है कि प्लास्टिक कचरे से बनी चटाइयों को बेघरों और जरूरतमंद परिवारों के बीच मुफ्त वितरित किया जाता है। दरअसल, फूड आर्मी ने 2014 में प्राकृतिक आपदा के शिकार लोगों तक पहुंचकर, उन्हें घर का खाना देकर अपना कार्य शुरू किया था। कारवां आगे बढ़ा और इन लोगों ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जरूरतमंदों को भोजन और अनाज मुहैया कराना शुरू किया और अब फूड आर्मी की योजना इस अभियान को मुंबई से बाहर अन्य क्षेत्रों में भी पहुंचाने की है। यह प्रयास है लोगों की मदद करने का है। साथ ही साथ पर्यावरण की रक्षा करने का एक अनूठा तरीका भी है। इसलिए फूड आर्मी लोगों को अपने प्लास्टिक के कचरे को विभिन्न तरीकों से निपटान कर, उसे दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों को जागरूक बनाती है।

साभार - PBNS