तशरीफ़ के नीचे मंत्री वाली कुर्सी क्या फंसी, उफ्फ़..तेवर सातवें आसमान पर । देखिए मंत्री की भन्नाहट


सत्ता का नशा तो अक्सर देखा होगा आपने..
अब सत्ता की ताकत पाकर बौराना भी देख लीजिए ।
तशरीफ़ के नीचे मंत्री की कुर्सी क्या फंसी... उफ्फ़..तेवर सातवें आसमान पर ।
ऊपर टँगे वीडियो को देखिए।
देखा आपने..एक बार फिर देखिए । अन्नदाता के सवाल पर मंत्री का बौखलाना ।
जी मंत्री जी ...यह किसान राष्ट्रपति तो छोड़िए..बेचारा तो बोलने के लायक भी नही है । बस परेशानी के बीच थोड़ी सी आस लेकर आपसे कुछ पूछ बैठा ।
वाकई हिमाकत ही थी उसकी ।
अच्छी खिंचाई की आपने ।
भूल गया था ...सिर्फ उसका काम तो आप जैसे नेताओं को वोट देने का है न...बाकी जाए भाड़ में ।

मंत्री का नाम सुनिए ..मप्र सरकार में आवास एवं विकास राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया । जनाब भिंड जिले के आजी माता के मंदिर पर चल रही भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे ।

खबर मिलते ही खाद न मिलने से परेशान किसान मौके पर जा पहुंचे  । बोनी पिछड़ने से और भी समस्या बढ़ चली है । मंत्री महोदय, कलेक्टर से फोन पर बात कर रहे थे कि तभी एक किसान ने खाद न मिलने की शिकायत ठोंकने का गुनाह कर मारा  ?
बस फिर क्या था..मंत्री फट पड़े और ऐसे फटे कि मौजूद किसानों का भरोसा भी साथ में स्वाहा हो गया ।
मौका मिला तो विपक्ष ने मामले को लपक लिया और जमकर सत्ता पक्ष पर कटाक्ष किया।
गजब है साहब । एक ओर जहां शिव बाबू बार बार किसानों की परेशानियों में साथ खड़ा होने का दावा ठोंकते हैं..ऐसे में हवा में उड़ते उनके मंत्री..सरकार की साख उड़नछू करनें पर आमादा हैं ।
मंत्री जी ..कोई नही ..आज चमका लो ..
यही हाल रहा तो कहीं आने वाले समय में आपकी चमक भी उफ्फ़.. चंपत न हो जाए