यहां शिव बाबू का जनदर्शन और वहां पार्टी के भीतर झकाझक सियासी घर्षण । वाकई..क्या कुछ घटने वाला है ? देखिए उफ्फ़


यहां शिव बाबू का जनदर्शन और वहां पार्टी के भीतर झकाझक सियासी घर्षण ।
हर दो चार दिन में सत्ता बदलाव की बाली महकती है जो चंद घंटों में ही चटककर धूल फांकने लगती है ।
तो क्या वाकई कुछ होने वाला है ?
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र बाबू इंदौर आए । कैलाश भाई से गुपचुप मुलाकात की तो ताई के साथ बैठकी भी हुई । बात और मकसद ..मिलने वाले नेता जाने लेकिन चर्चाओं में तो आ ही गया ।
यहां हेंडसम बाबू से,कांग्रेस के अजय दद्दा मिलने पहुंच गए । गुफ्तगू में लंबा वक़्त गुजारा ।
वीडी भैया की पीपडी के सुर एकदम जुदा ..बोले तो .. सप्तम सुर ।
कोने से जा सटी उमा भारती अलग झमाझम के मूड में हैं
कभी शराबबंदी को लेकर चेताना तो कभी ब्यूरोक्रेसी के बहाने सरकार को तपा देना ।
प्रहलाद पटेल के अरमान भी  जवां हैं । तो बुजुर्ग नेताओं का अपना अलग ही दुखड़ा ।
महाराजा साहब फिलहाल अपनी वाली सेटिंग में मस्त हैं ।
मोशा मौन हैं । न हां के और न के पक्ष में !
 वैसे भी दोनो नेता...कुछ कहते कहाँ हैं ? सीधा कर जो डालते हैं ।
फिलहाल आलाकमान का फोकस भी चुनावी राज्यों की ओर हैं ऐसे में मप्र में उठापठक.. नही लगती ।
और फिर यह भाजपा है भैया.. कब,क्या और कैसे हो जाए उफ्फ़...उपर वाला ही जानता है ।