वोट खटिया पर है तो चोट दिल पर ! सरकार समझिए तनिक..बाकी उफ्फ़


आदरणीय मुख्यमंत्री जी ...जय हो आपकी..विजय भी हो । सुना है कि आप जनदर्शन कार्यक्रम में अति व्यस्त हैं । प्रशासन के काँधों पर सवार तो बहुत दर्शन कर लिए । चलिए आज हमारा हाथ पकड़कर उस जनता के दर्शन भी कर लीजिए ..जिसकी ज़िंदगी खटिया से तय होती है । 
शायद फिर आपको विकास का दावा ठोंकने से पहले कम से कम असल तस्वीर तो याद रहे ।

आइए आइए मुखिया जी ..
अनूपपुर जिला है न ..वही चलना है ।
अब चले भी आइए ..
अरे..चौंक क्यों गए...?
देख लीजिए...पांच सौ लोगों का गांव है लेकिन आज तक सड़क नसीब न हो पाई । आना जाना तो छोड़िए.. इमरजेंसी में 108 भी आने से मुकर जाती है..।

मजबूरी में क्या करें । मरीज को खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है ।
इस महिला की तबियत बहुत खराब थी । 108 ने मना किया तो खटिया फिर सहारा बनी ।
यह पहला मामला नही है..बल्कि अब तो इस तरह के मसले आम है ।
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत अमदरी का खाल्हे धवई गांव है ।
ऐसा नही है कि ग्रामीणों ने कोई प्रयास नही किया । लेकिन मुखिया जी आपसे बेहतर कौन समझ सकता है कि मांगों को दफ़न कैसे किया जाता है ।

उफ्फ़..यह दर्शन आपको भाए तो न होंगे । लेकिन हकीकत तो हकीकत है मुखिया जी ..।
वोट खटिया पर है तो चोट दिल पर ..समझिए तनिक..बाकी उफ्फ़..आप खुद भी बहुत समझदार जो हैं