तालिबान मामले को लेकर चीन,पाक को गरियाने जा रहें हैं तो,रुकिए ! पहले देश में बसे फ़ितरतियों से तो निपट लो


 तालिबान के मुरीद 

आखिरकार तालिबान ने अफगानिस्तान को अपने चंगुल में फंसा ही लिया | इंसानियत की लाश पर चढ़कर तालिबानी लड़ाके अपनी जीत का जश्न मना रहें हैं | ख़बरों के अनुसार चीन,पाकिस्तान और रूस ने तालिबानी सत्ता को लेकर नरमी दिखाई है | हालांकि अधिकतर देश इस आतंकी संगठन के सख्त खिलाफ  हैं  | अब यदि आप पाक,चीन या फिर रूस को गरियाने जा रहें हैं तो थोड़ा रुक जाइये | क्योंकि आपके ही देश भारत में भी कई लोग हैं,जो तालिबानी शासन के पक्ष में खड़े होकर मुंह जुगाली कर रहें हैं | यह वो लोग हैं जो धर्म का हवाला देकर तालिबानी नियम कायदों के पक्ष में खड़े हैं | 

दिमागी कीड़ा जो न करवाए,वो कम है 

 बहुत शानदार काम है न  | दिमाग का कीड़ा भी गज़ब है | सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे यह लोग खुद तो आज़ादी के मायने ढूँढ ढूंढ कर लाते हैं लेकिन अफगानिस्तान में हो रहे हर ज़ुल्मों  सितम को शरीयत के नाम पर जायज मानते हैं | सोशल मीडिया पर तालिबान के खिलाफ भटक रही खबरों पर ठोंककर अपने पक्ष की मोहर लगाने में भी कोई झिझक नहीं  |  

  आश्चर्य है न, जिनकी बहन बेटियां न सिर्फ अच्छी शिक्षा हासिल कर रहीं हैं | बल्कि उन्हें नौकरी करने की भी पूरी इज़ाज़त है,उन्हीं के पेट का पानी हिलोरे मार रहा है  | पब से लेकर फिल्मों में काम करने तक कोई रोकटोक नहीं लेकिन उफ्फ  ... अफगानिस्तान की महिलाओं के लिए सोच,एक दम पलट | यदि अफगानी महिलाओं को बुर्का और घर में ही रहने के लिए पाबंद किया जा रहा है,तो वो कटटरपंथियों का बेहतर फैसला करार देने में भी कोई चूक नहीं | 
सोच है,खतरनाक  .. 
     वैसे सोच है और इसका कुछ किया भी नहीं जा सकता | लेकिन यह सोच,विचारधारा देश के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकती है | देश धर्म,सोच से नहीं संविधान से चलता है | और यदि इसे पनपने दिया गया तो भारत की अमन,चैन को किसी की बुरी नज़र लगते देर नहीं लगेगी |