इंदौर नगर निगम ने गणेश प्रतिमाओं के साथ किया कुछ ऐसा, कि छा गया सोशल मीडिया पर, देखे वीडियो में वो झलक


पूरे दस दिनों  की मेहमानी के बाद भगवान श्री गणेश अपने लोक लौट चुके हैं।  इन 10 दिनों के दौरान बच्चों से लेकर बड़ों ने भगवान गणेश की पूरी श्रद्धा भाव से सेवा की।  गजानंद  के भक्तों ने बड़े ही आदर भाव से उनकी प्रतिमा  अपने घरों में विराजमान की और पूजा अर्चना की। मेहमानी का समय पूरा हुआ तो कुछ लोग खुद उनका विसर्जन करने निकल पड़े तो कुछ ने ये जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी। मेहमानी  का समय पूरा होने पर  भक्तों द्वारा, नम आँखों से गणेशा को विदाई दी गई और प्रतिमा विसर्जन का यह कार्यक्रम  बड़ी ही  धूम-धाम और ढोल नगाड़ों के साथ किया गया। लेकिन इंदौर नगर निगम द्वारा  इस जिम्मेदारी को  कुछ इस तरीके से  निभाया गया कि भक्तों की आस्था चूर-चूर हो गयी। 

आखिर नगर निगम ने क्या किया गणेश मूर्ति के साथ की बवाल मच गया 
दरअसल, देश के स्वस्छ शहरों की गिनती में अव्वल रहने वाले मप्र के महानगर इंदौर के जवाहर टेकरी  में नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा गणेश जी की मूर्तियों को विसर्जन के दौरान फेंकने की घटना सामने आई है। यहाँ नगर निगम के कर्मचारी मूर्तियों को ट्रक में से सीधे जलाशय में सन्नाते हुए नगर आये हैं। इतना ही नहीं जिस स्थान को नगर निगम ने विसर्जन के लिए चुना है, उसके बारे में स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बड़े  गड्ढे में घरों का ड्रेनेज का पानी भी आता है। नगर निगम इंदौर द्वारा गणेश प्रतिमा के विसर्जन का जो अपमानजनक तरीका अपनाया गया वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।  

देखें वो अपमानजनक झलक 
 
 
जब घटना की खबर इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी को लगी तो उन्होंने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। श्री लालवानी ने बताया कि इस मामले में उन्होंने कलेक्टर श्री मनीष सिंह और नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रतिभा पाल से कहा है कि ऐसे कृत्य के लिए जवाबदार लोगों पर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कृत्य को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी नाराजगी व्यक्त की है।


निगम हुआ सक्रिय, की दोषियों के खिलाफ कार्यवाई 
लोगों की आस्था के साथ हुए खिलवाड़ की खबर जब प्रदेश के नगरीय विकास  एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह को लगी तो उन्होंने तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए नगर निगमायुक्त इंदौर को दोषियों के खिलाफ कार्यवाई के निर्देश दिए।  जानकारी के मुताबिक इस घटना में अब तक निगम के 9 कर्मचारियों  के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।