कमलनाथ,कृष्ण और शिवराज,कंस मामा | सियासत का उफ्फ... नया ड्रामा


रिपोर्ट - विनीत रिछारिया 

मप्र कांग्रेस एक बार फिर चर्चा में हैं । वजह न तो आपसी खटपट और न ही कोई ठोस सियासी कदम । बल्कि साहब चर्चाओं में तो घसीट कर ले आया,वो पोस्टर जो,प्रदेश कार्यालय के बाहर चस्पा है ।

आने जाने वालों की नज़र जब इस पोस्टर पर पड़ी तो चौंकना लाज़मी था । पोस्टर में कमल बाबू को कृष्ण तो शिव बाबू को कंस के रूप में पेश किया गया है । इस बड़े आकार के पोस्टर में कमलनाथ के विकास माँडल के साथ शिवराज सरकार के कामकाज की तुलना की गई है । साथ ही संदेश पेल मारा...'प्रदेश मांगे घोषणावीर मामा से मुक्ति' । पोस्टर में ओबीसी आरक्षण,चयनित शिक्षक,कर्जमाफी जैसे अहम मुद्दों का उल्लेख करते हुए सत्ताधारी भाजपा सरकार पर निशाना साधा गया है ।

पोस्टर चिपकाने वाले कांग्रेस पार्टी के ही प्रवक्ता हैं । इस पोस्टर से न तो सियासत में कोई तूफान आने वाला और न ही कोई विशेष प्रभाव । हां यह ज़रूर है कि सियासी गलियारों में चर्चा के लिए मसाला ज़रूर मिल गया । अब इंतज़ार है सत्ता पक्ष का जबाव तो आएगा लेकिन कब और क्या ? यह देखना दिलचस्प होगा ।