कृप्या शांत रहें..उफ्फ़,सरकार सो रही है ।


कृप्या शांत रहें...सरकार बेसुध होकर सो रही है ।
आपकी नींद भले ही उड़ी पड़ी हो लेकिन उफ्फ़...सरकार,आराम मुद्रा में...
 
(उफ्फ़ वाला वीडियो देखिए..स्थिति को लेकर चकाचक व्यंग्य है)
 
    अब सरकारी कार्यक्रम से अच्छी भला कौन सी जगह हो सकती है...। मस्त बड़े साहब का पुराना रिकॉर्ड बज रहा है...और हुजूर खर्राटों के साथ जुगलबंदी कर रहें हैं ।

    जनाब मप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा हैं । हुजूर छतरपुर जिले के प्रभारी भी हैं । उज्जवला योजना का कार्यक्रम था । गृहमंत्री अमित बाबू और सीएम शिव बाबू का भाषण लाइव था ।
 एक तो बोरिंग सा सरकारी कार्यक्रम और उपर से रटेपिटे भाषण.. उफ्फ़..भला नींद कैसे न आती ।
सब कुछ ठीक था लेकिन कैमरे तो जागे थे । आइना दिखा मारा ।
सो गए तो सो गए...सवाल उठे तो ऐसे जबाव दे मारा कि झूठ भी खिसिया गया ।

 अब ठीक है साहब...होना जाना तो कुछ नही...फालतू में एनर्जी खर्च क्यों की जाए ...जोड़ जुगाड़,सियासी समीकरण में काफी थकन हो जाती है । अब ऐसे में सरकारी कार्यक्रम में झपकी ले मारी तो उफ्फ़..यह तो टाइम मैनेजमेंट का बेहतर उदाहरण है..।
  सलाम मंत्री साहब आपको...जनता की छोड़िए..लेकिन आपसे न सिर्फ पार्टी को बल्कि सियासत को भी बड़ी उम्मीद रहेगी