छत्तीसगढ़ में सियासी तूफान | राहुल की अग्नि परीक्षा | फैसला आज संभव


छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है | कांग्रेस में सत्ता के लिए चल रही खींचतान अब अंतिम मोड़ पर आ खड़ी हुई है | हाल ही में दिल्ली से राजधानी रायपुर लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फिर तलब किया गया है | तो वहीँ आरपार की लड़ाई के मूड में सिंहदेव पहले से ही दिल्ली में  मौजूद है | उठापठक के बीच बघेल समर्थक 35 विधायक आला नेताओं से मिलकर अपनी बात रखेंगे | सूत्रों की माने तो राहुल गाँधी ने भी फार्मूले के अनुसार तय शर्तों पर अपनी रज़ामंदी ज़ाहिर की है | आज की बैठक में इस मामले को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है | 
 
दिल्ली जाने से पहले रायपुर एयरपोर्ट पर सीएम भूपेश बघेल ने क्या कहा  .. सुनिए | 
 
 
दरअसल छत्तीसगढ़ का रण अब चरम पर है | फार्मूले एक अनुसार मुख्यमंत्री पद के दावेदार टी.एस.सिंहदेव इस बार किसी तरह का,कोई भी समझौता करने के मूड में नहीं है | वही भूपेश हाथ लगी सत्ता को छोड़ने का मोह नहीं त्याग पा रहें हैं  | हाल में दिल्ली से लौटे सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि,जैसा आलाकमान कहेगा,वैसा करने को तैयार हैं | सिंहदेव ने भी फार्मूले वाले दावे को लेकर स्पष्ट किया था | सिर्फ 24  घंटो में ही हालात ने इतनी तेज़ी से करवट ली कि भूपेश बघेल को दिल्ली बुला लिया गया |
 
सीएम बघेल ने दिया अपनी ताकत का संकेत 
 
 
बनते समीकरणों के बीच 35 बघेल समर्थक दिल्ली जा धमके हैं | दावा है कि 15 से 20 समर्थक विधायक और पहुँच सकते है | सभी विधायक दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक होटल में ठहरे हैं | यह सभी विधायक पी.एल.पुनिया और के.सी.वेणुगोपाल से मिलकर अपनी बात रखने के लिए राहुल गाँधी से मिलने का समय मांगेंगे | हालाँकि काँग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने साफ़ किया है कि आलाकमान ने किसी भी विधायक को दिल्ली नहीं बुलाया है | सभी अनुशासन में रहें | इसके बावजूद विधायकों का दिल्ली कूच एक बड़ा संकेत दे रहा है | 
 
राहुल गांधी के पाले में गेंद 
 
 
मामला अब राहुल गांधी के हवाले है | बघेल,राहुल गाँधी के करीबी माने जाते है | ऐसे में राहुल को फैसला लेना आसान नहीं होगा | वैसे सम्भव है कि सिंहदेव को उपमुख्यमंत्री बनाकर समर्थक विधायकों में कुछ और को मंत्री पद देकर मामला शांत करने प्रयास हो | या बहुत सम्भव है कि फार्मूले को लेकर कोई कड़ा फैसला ही ले लें | 
 
वाकई कांग्रेस के लिए स्थिति बड़ी असहज करने वाली है | बघेल को यदि हटाया जाता है तो वो शांत रहने वालों में से नहीं है और इस बार सहज,सरल और शांत  बाबा सिंहदेव ने अपने तेवर साफ़ कर दिए हैं | ऐसे में फैसले में कोई चूक हुई तो मसला,कांग्रेस के लिए बड़ा भारी पड़ सकता है |