सिंधिया तो बोल्ड हो गए ! यह तो खेल था। भगवान न करे कि सियासी पिच पर भी सुर्री गेंद आ पड़ी तो...उफ्फ़?


दिल मे अरमान तो थे छक्का पेलने के..लेकिन किस्मत ने ऐसा गच्चा दिया कि उफ्फ़..सुर्री गेंद ने बोल्ड कर मारा ।
अब गेंद को क्या मालूम था...जिसके स्टम्प उड़ाने के लिए लपक ली..वो खिलाड़ी तो महाराजा साहब थे ।
वही महाराजा साहब,  जिन्होंने सियासी पिच पर कांग्रेस को बोल्ड करके भाजपा के हाथों में सत्ता की ट्रॉफी पकड़ा दी ।

      मैन ऑफ द मैच में बाकायदा केंद्रीय मंत्री का पद पकड़ा दिया गया।

अच्छा खासा ओवर चल रहा था कि टप्पा खाती ...एक बॉल ने फिर स्टम्प पकड़ लिया ।

 बोले तो उड्डयन विभाग मिला लेकिन एयरलाइंस ही बिक गई ।
अब महाराजा साहब.. मंत्री तो हैं लेकिन काम...उफ्फ़

कसमसाई कांग्रेस भी महाराजा साहब को लेकर खूब मज़े ले रही है ।
  चलिए ओवर की लास्ट बॉल का इंतज़ार है...जो सुना है,  भावी सीएम के नाम पर फेंकी जा सकती है।

महाराजा साहब भी बड़ी उम्मीद से बॉल पर नज़रें लगाए बैठे हैं ।
यह गेंद,  सियासी भविष्य भी तय करेगी ।

और भगवान न करे कि ..मोशा तो मोशा हैं..कहीं  लास्ट गेंद भी सुर्री हो गई तो..महाराजा साहब का विकेट उड़ना तो छोड़िए ..टीम में स्थिति.. उफ्फ़..घर न घाट वाली जैसी होगी