राज..| मोदी की सभा में बुर्काधारी महिलाओं का ! कहाँ से आती हैं और कहां जाती है?


जनजातीय गौरव दिवस पर भोपाल के जंबूरी मैदान पर सियासत की झांकी जबर खिंची।

भाजपा  ने आयोजन का खाका ऐसा खींचा कि उफ्फ़...मोदी जी भी मन ही मन तो बोले उठे होंगे?

'एमपी अजब है और इवेंट गज़ब है'

इस अजब गजब धमाचौकड़ी के बीच अचानक सभी का ध्यान ... बुर्का पहने महिलाओं की मौजूदगी ने लपक लिया। पीएम बाबू के इस्तकबाल में यकायक काले बुर्के से ढंकी महिलाओं का एक समूह प्रकट हुआ ।

हक्के बक्के से मोदी बाबू के भी दिमाग में घूमा होगा कि उफ्फ़..''एकदम ग़ज़बे किए पड़े हैं''

जिसने यह नजारा देखा.. दिमाग चकरघिन्नी हो गया। चलते फिरते सैकड़ो लोगों के बीच इस जत्थे की सदस्य पहले कहीं नही दिखे...। ऐसा लगा कि मानो किसी ने छू किया और सामने.. प्रकट । मोदी बाबू के स्वागत  में झांकी खींची और फिर सब गायब..?

अरे भैया...यह खातून...आती कहाँ से हैं और जाती कहाँ हैं। किसी को नही मालूम। आवारा सूत्र कहतें हैं कि बस,  एक नेता जी का हाथ हवा में घूमा और बुर्काधारी महिलाएं सामने।

अच्छा एक खास बात और सभी महिलाएं हैं..लेकिन दुनिया का आंठवा आश्चर्य कि एक दूसरे से बतियाती तक नही है। बोले तो एकदम...काम से काम।

यह जादू पहली दफा नहीं हुआ है। लेकिन आला नेताओं या बड़े कार्यक्रमों के दौरान दिखाई पड़ जाता है ।

अब दिमाग मत खपाओ । सियासत है गुरु...सब जादू पर ही चलता है। बुर्काधारी महिलाओं को छोड़िए... उफ्फ़,  वादे,रिश्ते,ईमान,इंसानियत यहां तक कि नेता भी पलक झपकते ही हवा हो जाते हैं।

चलिए छोड़िए भी..उनका जादू उनको मुबारक..। आप तो अच्छे दर्शक की भांति बस देखते रहिए...सियासी जादू