चीखती रही लेकिन दरिंदो ने किया वो,जिसे सुनकर हाड भी कांप जाए | शांत प्रदेश की उफ्फ ..शर्मनाक घटना


 भले ही मध्यप्रदेश सरकार कानून एवं व्यवस्था चाक चौबंद होने को लेकर लाख दावे ठोंक डाले ?  लेकिन उफ्फ ..सामने आते हुए घटनाक्रम साफ़ साफ़ चुगली करते है कि असामाजिक तत्वों के हौसले कितने बुलंद हैं | तभी तो बेख़ौफ़ बदमाशों ने सिर्फ शक के चलते एक मासूम लड़की के साथ वो किया,जिसे सुनकर अच्छे अच्छों की रूह भी कंपकंपा जाए | हैवानों ने लड़की की आँखों में एसिड डाला और हाथों से मसल दी | मज़बूर चीखती रही,चिल्लाती रही लेकिन इंसान के रूप में सामने खड़े भेड़ियों पर कोई असर न हुआ | 

                         मामला सामने आने पर हंगामा बढ़ा तो खाकी सक्रिय हुई | परिणाम यह रहा कि इंसानी भेड़िये अब कानून के शिकंजे में हैं | 

 
सुनिए साथ में चस्पा वीडियों में.... मासूम किशोरी की ज़ुबानी हाड कंपकंपा देने वाला घटनाक्रम !  और देखिए पुलिस चंगुल में फंसें हैवानों को 
 
 
 
 पूरी घटना मध्यप्रदेश स्थित पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र अंतर्गत बरहो गाँव की है | दो सनकियों ने किशोरी के साथ ऐसी वीभत्स घटना को अंजाम सिर्फ इसलिए दिया क्योंकि दिमाग में शक जो पाल मारा था  | दरअसल आरोपियों के घर से एक महिला कहीं चली गई थी | शक किया गया कि पीड़ित किशोरी का हाथ उस महिला को घर से भागने देने में हैं | 
   गुस्से में पागल दोनों आरोपी लड़की के घर पहुंचे और कहा कि,बाहर आओ कुछ बात करनी है | पीड़िता और उसका भाई दोनों आरोपियों की बात में आकर  चल दिए | जैसे ही सुनसान पड़े खेत में पहुंचे तो आरोपियों ने लड़की को मारना शुरू कर दिया | भाई ने बचाने की कोशिश की लेकिन उसको भी जमकर पीटा गया | तभी हैवानों ने साथ में रख कर लाए एसिड निकालकर पीड़िता की आँखों में डाल दिया |  इस पर भी इन शैतानों को चैन नहीं मिला तो अपने हाथो से आँखों को रगड़ भी दिया | 
पीड़िता को तपड़ता छोड़ यह आरोपी मौके से फरार हो गए | 
      किस्मत की मार ही कहिए कि किशोरी के सिर से माता पिता का साया उठ गया | चाचा चाची ने पालन पोषण किया और अब उफ्फ ..एक बार फिर ज़िंदगी ने उस पर जो सितम किया,वो तोड़ने वाला वाला है | डॉक्टर्स के अनुसार लड़की की हालत पहले से बेहतर है लेकिन आँख हमेशा हमेशा के लिए साथ छोड़ चुकी हैं | 
    मामला सामने आया तो आम लोगों के बीच नाराजगी घर कर गई | विपक्ष ने भी मुद्दे को लपकते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया | दबाव बढ़ा तो पुलिस हरकत में आई | आनन फानन में सिस्टम सक्रिय हुआ और दोनों आरोपी कानून के शिकंजे में आ फंसे | 
         प्रदेश में महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं | जिम्मेदार जो भी तर्क दे लेकिन अपराधों के आंकड़े डराते हैं | ऐसे में आवश्यक है कि सरकार,कानून एवं व्यवस्था के मुद्दे को गंभीरता से ले,अन्यथा शांत प्रदेश कहे जाने वाले मप्र का नाम उग्र प्रदेश की श्रेणी में आने में अधिक समय न लगेगा |