ऐसा मंदिर जहाँ विराजते है नाग | देते है साल में एक बार दर्शन


 एक मंदिर जिसके पट साल भर में खुलते हैं सिर्फ एक बार  .. वो मंदिर जो है नागराज का |

पूरे साल इस मंदिर में प्रवेश करने की है मनाही | 

वर्ष में एक बार होती है पूजा | 
 वो भी सिर्फ नागपंचमी पर | 
क्यों होता है ऐसा ?
क्या है इसके पीछे की असल वजह ?
कहाँ है यह मंदिर ?
                                               
                                                                       नागपंचमी के दिन भक्तों को इस मंदिर के पट खुलने का बड़ी बेसब्री से इंतज़ार होता है  | नाग देवता के एक झलक दर्शन की मंशा लेकर दूर दूर से इस मंदिर में श्रद्धालु यहाँ का रुख करते हैं | कहतें हैं जिसने यहाँ विराजे नाग देवता के दर्शन कर लिए,उसको दुःख कभी छू भी नहीं सकता है | 
 
  भारत का दिल कहे जाने वाला मध्यप्रदेश | इसी प्रदेश में स्थित है धार्मिक नगरी उज्जैन |  चार ज्योर्तिलिंग में से एक भगवान् महाकाल मंदिर के चलते पूरे विश्व में यह शहर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है | यहीं स्थित है नागचंद्रेश्वर मंदिर | 
                        नागपंचमी के दिन महाकालेश्वर मंदिर के दूसरे तल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट गुरुवार  रात्रि 12 बजे विधि विधान के साथ खोले जाते हैं | विशेष पूजा का विधान है | रात्रि के वक्त नागचंद्रेश्वर का रूप सभी भक्तो को मोहित कर देता है | लम्बी लम्बी कतारों में लगकर श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पूजा अभिषेक करते हैं | 

मान्यता है कि नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन करने से श्रद्धालुओं को सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है, साथ ही कई तरह के दोष से भी वह मुक्त होते हैं। यह भी माना जाता है कि आज के दिन नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन करने से कालसर्प योनि से भी मुक्ति मिलती है।

क्यों कहते हैं इसे नागचंद्रेश्वर मंदिर 
 
पुराणों में बताया गया है कि यह विश्व का एक मात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान विष्णु की जगह बाबा महाकाल का परिवार शेष नाग पर विराजमान है। इसलिए इस मंदिर को नागचंद्रेश्वर भगवान का मंदिर कहा जाता है। विश्व भर में बाबा महाकाल ही एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, जिनके शिखर भाग पर 11 वीं शातब्दी की महाकालेश्वर परिवार संग शेष नागचंद्रेश्वर की अद्भुत प्रतिमा है।
 


इस बार भी विशेष रहा नागपंचमी पर्व  
 
कोविड-19 के नियमो के साथ इस बार महाकालेश्वर मंदिर में,साल में 1 दिन नाग पंचमी पर खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन श्रद्धालु ऑनलाइन तरीके से एलईडी स्किन के माध्यम से कर रहे हैं। श्रद्धालु सबसे पहले महाकाल के दर्शन कर रहे है। उसके बाद जगह-जगह लगाई गई एलईडी स्क्रीन के माध्यम से नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए जा रहे हैं। साल में एक दिल खुलने पर नागचंद्रेश्वर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है।