राशि के अनुसार हो रक्षासूत्र का रंग | तय मानिए .. होगा मंगल ही मंगल


 - पंडित विनीत रिछारिया 

रक्षापर्व का भला किसे इंतज़ार नही रहता । आप भी बेसब्र होंगी भाई की कलाई पर रक्षासूत्र सजाने के लिए ।  लेकिन इस बार रक्षा सूत्र किस रंग का हो यह विशेष  ध्यान रखिएगा । क्योंकि राशि के अनुसार रंग अपनी महत्ता रखता है । और यदि उस रंग की राशि भाई को बांधी जाती है तो  मंगल ही मंगल होता है । चलिए हम बता देते हैं कि किस राशि के भाई को कौन से रंग की राखी बांधी जाए । 

  वाकई यह सिर्फ भाई बहन का त्यौहार नही अपितु पूरे परिवार,सबंधों को एक सूत्र में बांधे रखने का भी पर्व है । 
बहनें,भाई की कलाई पर राखी सजाने के लिए बेसब्र रहतीं हैं तो भाई भी बहनो के स्नेह बंधन के लिए आतुर । 
प्रेम,स्नेह से पगा यह पर्व हर घर में खुशियों का बसेरा कर जाता है । 
तो चलिए पहले जान लेते है रक्षासूत्र बांधने का शुभमुहूर्त और फिर बताते हैं राशियों के अनुसार राखी के रंगों के बारे में । 
 
राखी बांधने का मुहूर्त-
 
रक्षाबंधन पर प्रात: 06 बजकर 15 मिनट से प्रात: 10 बजकर 34 मिनट  तक शोभन योग रहेगा
 धनिष्ठा नक्षत्र शाम को करीब 07 बजकर 39 मिनट तक रहेगा ।
 22 अगस्त 2021 को दोपहर 01 बजकर 42 मिनट दोपहर से शाम 04 बजकर 18 मिनट तक, राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा ।
 
रक्षाबंधन पर्व तिथि 
 
रविवार 22 अगस्त 2021 
पूर्णिमा तिथि 
21 अगस्त शाम 3.45 बजे से शुरू,शाम 5.58 बजे समापन । 
 
शुभ मुहूर्त 
 
सुबह 5.50 बजे से शाम 6.03 बजे तक । 
राखी के लिए दोपहर का समय-1.44 बजे से 04.3 बजे तक ।
अभिजीत मुहूर्त-दोपहर 12.04 बजे से 12.58 बजे तक ।
 
 
आपके भाई की राशि के अनुसार किस रंग का हो रक्षासूत्र और उससे होने वाले लाभ
  
मेष - आपके भाई  की राशि मेष है उसे लाल रँग  की राखी बांधें और मिठाई में मालपुए खिलाएं. ऐसा करने से भाई को मानसिक शांति मिलेगी 
 
वृषभ - इस राशि के भाई को सफेद रेशमी डोरी वाली राखी बांधें और रसमलाई  मिठाई ही खिलाएं, ऐसा करने से नौकरी व्यापार में लाभ मिलेगा और उर्जा से ओतप्रोत होगा । 
 
मिथुन - आपके भाई  की राशि मिथुन है, बहने उन्हें हरे रँग वाली राखी बांधें और हरी बर्फी या गुलाबजामुन मिठाई खिलाएं । ऐसा करने से सामाजिक कार्यों में रुचि बनी रहेगी साथ ही विचार शक्ति बढ़ेगी ।  
 
कर्क - आपके भाई की राशि कर्क है तो इस साल राखी के त्योहार पर अपने भाई की कलाई पर सफ़ेद रेशम वाली राखी बांधें । मिठाई में कलाकंद या बादाम कतली  खिलाएं । ऐसा करने से मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी भावनात्मक रिश्ते मजबूत होंगे । 
 
सिंह - सिंह राशि वाले भाइयों को ऑरेंज राखी बांधें और मिठाई में घेवर  मिठाई या बलुशाही खिलाएं । इससे शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी और करियर, जॉब में लाभ प्राप्त होगा । 
 
कन्या - अगर आपके भाई की राशि कन्या है तो अपने भाईयों को गणेशजी के प्रतीक वाली राखी बांधें और मोतीचूर के लड्डू खिलाएं । इससे वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा और अच्छा शुभ परिणाम मिलेगा ।
 
तुला - आपके  भाई की राशि तुला है तो रेशमी हल्के गुलाबी  डोरे वाली राखी बांधें । मिठाई में उन्हें काजूकतली या मावा बर्फी मिठाई खिलाएं । ऐसा करने से व्यवसाय की चिंता दूर होगी और स्थिति सामान्य बनी रहेगी कार्य शक्ति बढ़ेगी ।
 
वृश्चिक - आपके भाई की राशि वृश्चिक है तो आप चमकीले लाल रँग वाली राखी बांधें । मिठाई में उन्हें पंचमेवा बर्फी या अंजीर कतली मिठाई खिलाएं । ऐसे करने से उनके क्रोध व रोगों से आराम मिलेगा । 
 
धनु - भाई की राशि धनु  है वो पीले  रक्षासूत्र वाली राखी बांधें । मिठाई में उन्हें बेसन चक्की या जलेबी  मिठाई खिलाएं । ऐसा करने से नौकरी व्यापार की बाधा दूर होगी । 
 
मकर - आपके  भाई की राशि मकर है तो परपल रक्षासूत्र वाली राखी बांधें । मिठाई में उन्हें काला गुलाबजामुन मिठाई खिलाएं. ऐसे करने से जीवन की सभी बाधा दूर होगी ।
 
कुम्भ - भाई की राशि कुम्भ  है वो नीले धागे वाली राखी बांधें । मिठाई में उन्हें सोहन हलवा या सोहन पपड़ी मिठाई खिलाएं । ऐसा करने से भाई को धन सम्पति लाभ होगा ।
 
मीन - भाई की राशि मीन  है तो याद रखिए पीले रक्षासूत्र बांधना हैं । मिठाई में उन्हें केसर बाटी मिठाई खिलाएं । ऐसा करने से  मन शांत रहेगा । 
 
चलिए यह भी जान लेते हैं कि आखिर रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत कैसे हुई ।
 
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार देवताओं और असुरों के बीच में भीषण युद्ध छिड़ गया। जो 12 वर्षों तक चला था । परिणामस्वरूप अंत में दानव जीत गए थे। दानवों ने इसके बाद देवताओं के राजा-इंद्र के सिंहासन पर तो कब्जा कर ही लिया, बल्कि तीनों लोकों पर भी अपना हक जमा लिया । इंद्र के युद्ध हारने के बाद सभी देवता गुरु बृहस्पति जी… के पास गए और उनसे इस समस्या का निदान करने को कहा।बृहस्पति ने इंद्र को कुछ मंत्रों का जाप करने की सलाह दी। जिससे उन्हें सुरक्षा प्रदान हो सके। देवगुरु बृहस्पति ने श्रावण मास के दिन मंत्रों का उच्चारण शुरु किया । जिसके स्वरूप देवताओ को पुनः अपना अधिकार मिल सका । 
 
रक्षाबंधन के मंत्र
 
 येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः
 
यह रही पूजा विधि
 
 राखी बांधने से पहले भाई को उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बिठा लें। फिर भाई के माथे पर तिलक लगाएं और उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर भाई की आरती उतारें। मुंह मीठा करें। अगर भाई बड़ा है तो आप उसके चरण स्पर्श करें। राखी बंधवाने के बाद भाई अपनी इच्छानुसार बहनों को भेंट देते हैं ।
आप सभी के जीवन में यह पर्व सुख,समृद्धि,शांति एवं प्रेम की ओर वर्षा करे । यही कामना है ।