भांजियों की चाहत यूं उठी कि जिद बन गई । जिद अपने जन्मदिन पर मामा शिवराज के हाथ से केक खाने की । अब मामा ,भला अपनी भांजी को कैसे निराश करते । फिर जो हुआ ...तनिक देखिए तो


कोई यूं ही बेटियों का मामा तो बहनों का भाई नही हो जाता । स्नेह,अपनत्व और कर्त्तव्य निभाने का गुण ही इस पवित्र रिश्ते का मूल बनता है ।
आम जनता के इसी भरोसे पर खरा उतरते मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ।
 सहजता देखिए ।  बेटियों की मुराद किसी तरह मामा शिवराज के कानों तक पहुंच गई । फिर क्या था.. वो मुराद साकार होने में तनिक भी देर न लगी ।
दरअसल खरगोन जिले में जनदर्शन के दौरान शिवना गांव की बेटियां कृतिक एवं कनक को मामा के आने की खबर लगी । चाहत यूं उठी कि जिद बन गई । जिद अपने जन्मदिन पर मामा शिवराज के हाथ से केक खाने की ।

बच्चियों की इच्छा मुख्यमंत्री मामा तक पहुंचने की देर थी ...।
अब मामा अपनी भांजी को भला कैसे निराश करते । फिर क्या था ...बेटियों को तुरंत बुलाया गया । केक भी कटा और मामा के हाथों से बेटी कृतिक एवं कनक ने केक भी खाया ।

भांजियाँ मामा के साथ अपना जन्मदिन मनाकार बेहद खुश थी तो शिवराज का चेहरा उसी खुशी से दमक रहा था ।
 जिसने यह दृश्य देखा...आंखे प्रसन्नता से नम हो गई ।
शायद यही एक बड़ी वजह  है कि शिवराज सिंह चौहान भले ही प्रदेश के मुखिया हों लेकिन बेटियां ,मामा तो बहनें,भाई पहले मानती हैं