आम जनता पस्त..उफ्फ़, मंत्री अपने राम मस्त ! देखिए क्यों चर्चा में हैं, शिव बाबू के दो मंत्री


मोदी बाबू बोले तो खूब बोले ..वाकई मप्र ग़ज़बे है । अब देखिए न ..गुरु, काम काज की लंका लगी पड़ी है । लेकिन उफ्फ़..हुक्मरान अपनी ही मौज में ।

भाजपा सरकार की काबिल मंत्रियों पर एक नज़र फेंकिए ...।
सोच के सारे मुगालते हवा..!

देखिए कैसे ..एक मंत्री महोदय किसानों की समस्या को भुलाकर, रेम्प पर लटके झटके दिखाने में व्यस्त तो दूसरे,  बिजली संकट जैसी समस्या को परे रख भैंस के साथ सैर पर ।
  मिले न हों..आपका कोई काम भी न हुआ हो ..लेकिन मंत्री साहबान का नाम तो जानते ही होंगे न आप ?
कोई नही.. न जानते हो तो हम तार्रुफ़ करा देते हैं ।

यह रहे..माँडल को पीछे छोड़ते हुए मप्र के कृषि मंत्री कमल पटेल और दूसरे हैं ..ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ।
जब मुरैना में खाद की कमी के चलते लूटपाट जैसी नौबत आ गई थी तब बेफिक्र कृषि मंत्री महोदय...इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने राम मस्त थे ।

अब यह भी तो देखिए साहब..। कोयला कमी के कारण दीवाली की रोशनी मंद पड़ सकती है लेकिन कोई परवाह नहीं । मंत्री साहब भैंस की साथ चहलकदमी करने में डूबे हैं ।

 कोई नही नेता जी..मस्ती में रहिए ।
आज वक्त आपके पाले में है । बस,  हो सके तो अपने अमूल्य समय से सिर्फ चंद सेकेंड निकाल.. यह भी सोच लीजिएगा कि जब, जनता का वक्त आता है न तो..गद्दी तो छोड़िए..नेताओं का नाम तक फुर्र हो जाता है ।