क्षेत्र से तीन कद्दावर मंत्री और हालात..उफ्फ़ ? देखिए..दावों की खोल में फंसी असलियत की पोल


एक दो तीन... और 4...अरे न न...चौथे को नही गिनते हैं ।
क्या हुआ जनाब..?

अरे न बाबा न ..न गिनती सिखाने जैसी कोई बात नही ! बस यह तो मंत्रियों की संख्या है । और चौथे को इस लिए नही गिना क्योंकि अब सत्ता की डियोढ़ी से उनका कोई नाता न रहा।
अच्छा सोचिए... जहां एक दो नही बल्कि पूरे तीन मंत्री और एक पूर्व मंत्री ...

वो भी जबरदस्त रसूख वाले...तो वो क्षेत्र तो किस्मत वाला होगा ?
बोले विकास बाबू तो ठुमकते रहते होंगे ?
सोच सही है साहब लेकिन हकीकत उफ्फ़..एकदम पलट 😢
हालात ऐसे कि आज तक गांव की सीमा से सड़क का मिलन न हो सका ।
जगह भी बताते हैं लेकिन पहले माननीय मंत्री महोदयों का नाम सुन लीजिए
नगरीय एवं प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह,लोकनिर्माण मंत्री गोपाल भार्गव और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ।
और हां वर्तमान विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे हर्ष यादव ।
कुछ समझे आप..क्या झमाझम वाले नेता और काम..उफ्फ़,फुस्स ।
सागर जिले के केसली विकासखंड के अंतर्गत आने वाला आदिवासी बाहुल्य ग्राम  ग्वारी । बरसों से मांग करते रहे ..एक अदद सड़क के लिए लेकिन आज तक कोई सुनवाई नही ।

     चौका से ग्वारी ऐसा रास्ता है जो जान जोखिम में डालकर तय करना होता है । और यदि कोई बीमार हो जाए तो पूछिए मत...क्या कुछ नही भुगतना पड़ता है ।
परेशान ग्रामीण, निराश हैं । अब मांग नही बल्कि नेताओं को ही खारिज़ करना चाहते हैं । बोले तो चुनाव का बहिष्कार ।
क्या करें..अमूल्य वोट वहां क्यों दें जिनको इन वोट्स की कीमत ही नही ।
बाकी यह तो निकम्मेपन की एक झलक है..झांकते जाइये ..उफ्फ़ बड़ी बड़ी पोल सामने होंगी