श्रीराम के जीवन से जुड़े स्थलों की यात्रा,जान लें यात्रा संबंधित महत्वपूर्ण बातें


कोरोना ने हर इंसान को जो चाहे किसी भी उम्र का हो,चारदीवारी में कैद करके रख दिया | वक्त के साथ कोरोना का कहर भी मद्धम पड़ा है | लोगों ने घर से बाहर कदम रखना शुरू किया और काम के साथ तफरीह पर चल निकले हैं | 

आप भी थोड़ा चेंज के साथ धार्मिक यात्रा का मन बना रहें हैं तो यह ख़ास खबर आपके लिए है | 

                                        तो साहब.... आईआरसीटीसी ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वातानुकूलित आधुनिक पर्यटक ट्रेन के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े स्थलों की यात्रा शुरू की है। यह विशेष पर्यटक ट्रेन, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की पहल “देखो अपना देश” के तहत, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है।

17 दिनों का होगा टूर
रेल मंत्रालय ने बताया कि स्वदेश दर्शन के अंतर्गत चिन्हित रामायण सर्किट पर प्रभु श्रीराम के जीवन से जुड़े स्थलों के पर्यटन के लिए आईआरसीटीसी की यह अनूठी योजना है। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को दिल्ली सफदरजंग रेलवे स्टेशन से ‘देखो अपना देश’ डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन 17 दिनों के टूर पर रवाना होगी।


स्लीपर के अलावा एसी कोच भी उपलब्ध
इस बार रामायण एक्सप्रेस में स्लीपर के अलावा एयरकंडीशन कोच भी उपलब्ध होंगे। फर्स्ट एसी व सेकंड एसी की सुविधा से युक्त स्टेट ऑफ आर्ट डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन में कुल 156 यात्री यात्रा कर सकेंगे। इस यात्रा की बुकिंग के लिए 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के प्रत्येक यात्री को कॉविड के टीके का दोनों डोज लगा होना अनिवार्य होगा।
 
यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं
आईआरसीटीसी ने एसी प्रथम श्रेणी का किराया 1,02,095 रुपये प्रति व्यक्ति और एसी द्वितीय श्रेणी के लिए 82,950 रुपये प्रति व्यक्ति किराया निर्धारित किया है। इस टूर पैकेज में यात्रियों को रेल यात्रा के अलावा शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों द्वारा पर्यटक स्थलों का भ्रमण, एसी होटलों में ठहरने की व्यवस्था, गाइड व इंश्योरेंस आदि कि सुविधाएं भी शामिल हैं।

फुट मसाजर, मिनी लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस पूर्णतया वातानुकूलित पर्यटक ट्रेन में यात्री कोच के अतिरिक्त दो रेल डाइनिंग रेस्तरां एक आधुनिक किचन कार व यात्रियों के लिए फुट मसाजर मशीन, मिनी लाइब्रेरी, आधुनिक एवं स्वच्छ शौचालय और शॉवर क्यूबिकल आदि की सुविधा भी उपलब्ध होगी। साथ ही सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर एवं सीसीटीवी कैमरे भी प्रत्येक कोच में उपलब्ध रहेंगे। बुकिंग की सुविधा आधिकारिक वेबसाइट पर, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर उपलब्ध है।
 
पहले केवल स्लीपर कोच थे उपलब्घ
यह विशेष पर्यटक ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 7 नवंबर को प्रारंभ होगी व पर्यटकों को प्रभु श्रीराम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का भ्रमण और दर्शन कराएगी। पूर्व में भी यह यात्रा तीन बार आयोजित की गई थी, जिसमें केवल स्लीपर श्रेणी से ही यात्रा सुविधा उपलब्ध थी। अब पहली बार आधुनिक साज सज्जा के साथ तैयार वातानुकूलित पर्यटक ट्रेन, इस अनूठी यात्रा के लिए चलायी जा रही है।
 
इन स्थलों पर कराएगी भ्रमण
खास बात यह है की इसमें पैंट्री कार और डाइनिंग कार भी होगी। पूरी यात्रा में कुल 17 दिन लगेंगे। यात्रा का पहला पड़ाव प्रभु श्रीराम का जन्म स्थान अयोध्या होगा, जहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, श्री हनुमान मंदिर और नंदीग्राम में भरत मंदिर के दर्शन कराये जाएंगे। अयोध्या से रवाना होकर यह ट्रेन सीतामढ़ी जाएगी, जहां जानकी जन्म स्थान व नेपाल के जनकपुर स्थित राम जानकी मंदिर का दर्शन प्राप्त किया जा सकेगा।

ट्रेन का अगला पड़ाव भगवान शिव की नगरी काशी होगी, जहां से पर्यटक बसों द्वारा काशी के प्रसिद्ध मंदिरों सहित सीता समाहित स्थल, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट की यात्रा करेंगे। इस दौरान काशी प्रयाग व चित्रकूट में रात्रि विश्राम होगा।
 
चित्रकूट से चलकर यह ट्रेन नासिक पहुंचेगी जहां पंचवटी व त्रयंबकेश्वर मंदिर का भ्रमण किया जा सकेगा। नासिक के पश्चात प्राचीन किष्किंधा नगरी हंपी इस ट्रेन का अगला पड़ाव होगा, जहां अंजनी पर्वत स्थित श्री हनुमान जन्म स्थल व अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक व विरासत मंदिरों का दर्शन कराया जाएगा।

इस ट्रेन का अंतिम पड़ाव रामेश्वरम होगा। रामेश्वरम में पर्यटकों को प्राचीन शिव मंदिर व धनुषकोडि का दर्शन लाभ प्राप्त होगा। रामेश्वरम से चलकर यह ट्रेन 17वें दिन दिल्ली वापस पहुंचेगी। इस दौरान ट्रेन द्वारा लगभग 7,500 किलोमीटर की यात्रा पूरी की जाएगी।