आसमानी मिज़ाज और ठसकपन वाले दो नेता ! कौन और कैसे ? तनिक देखिए


भाजपा और कांग्रेस में कोई समानता हो या नही लेकिन गुरु एक बात है जो दोनो ही पार्टियों में सेम है..।

बहुतों ने अहसास किया तो ऐसे भी कम नही..जिन्होंने तो अनुभव लाभ भी लिया। और वो है पार्टी प्रदेश अध्यक्षों का आसमानी मिज़ाज और ठसकपन।

समय,स्थिति की मजबूरी और आर्थिक प्रवंधन के बलबूते कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर जमे कमलबाबू तो किस्मत और संघ के काँधे पर सवार होकर प्रदेश भाजपा की कमान गपियाने वाले वीडी शर्मा।

वैसे सियासी कद,अनुभव,पकड़ और काबलियत में दोनो का कोई मेल नही लेकिन हाव,भाव,व्यवहार, ऐसा कि अच्छे अच्छों की चटक जाए...।

आम लोग तो बेचारे दूरई से ही राम राम करके बढ़ लें!

अच्छा एक बार कमलबाबू की ठसक समझ में भी आती है। राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मुकाम हासिल करनें के साथ साथ कई बार केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी और एक बार सीएम की कुर्सी सम्हाली। बड़े बड़े उद्योग घरानों से लेकर अन्य क्षेत्रों की हस्तियों से सम्बंध बहुत याराना है।

अब भैया शर्मा जी...संघ के चंद पदाधिकारीयों से लपझप छोड़ दें तो बाकी सब कुछ सुनसापाट । जबकि अन्य नेताओं में ऐसी बात नही दिखती।

यहां तक कि आम लोगों का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलना,बतियाना भी बहुत कठिन काम नही..हालांकि सुनवाई हो या नही...यह दीगर बात।

वीडियों देखने के लिए ..यहाँ दबाओ)

ऐसे ही कांग्रेस में धाकड़ नेता दिग्विजय सिंह से लेकर अन्य कोई पार्टी नेता.. बहुत सरल,सहज अंदाज में देखे जा सकते हैं।

हां पहले महाराजा साहब ज़रूर टेढ़े थे लेकिन वक्त ने उनको भी अब सीधे रास्ते ओर चलना सीखाना शुरू कर दिया है।

चलिए भगवान भला करे दोनो नेताओं का...लेकिन इन दोनों के भरोसे, पार्टी का भला...उफ्फ़