स्वार्थी सियासत का शिकार होता उफ्फ़..अन्नदाता


 सियासत अपनी जगह...विरोध भी अपनी जगह। लेकिन अफवाहों के घोड़े पर सवार होकर माहौल को खराब कर देना ...शर्मनाक है।
मध्यप्रदेश के मुरैना में चंद असामाजिक तत्वों ने झूठ का ऐसा दांव खेला कि प्रदेश का अन्नदाता ..घबरा सा गया ।

 झूठ का तूफान अधिक नही टिका ।
भनक सरकार को लगी तो तत्काल तंत्र एक्शन में आ गया । मुख्यमंत्री शिवराज बाबू ने मोर्चा खुद सम्हाल लिया ।
मामला कसा तो सच सामने था ।
जिस मुरैना में खाद की कमी का रोना रोया गया वहां 5 हज़ार टन खाद उपलब्ध था । जो सामान्य तौर पर वितरित किया भी जा रहा था ।

मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए कलेक्टर्स से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद स्थापित किया । जो सरकार ने कहा कि वो किसान भाइयों को ध्यान से सुनना चाहिए ।
सिर्फ इतना ही खाद वितरण को लेकर मप्र सरकार ने कुछ खास दिशा निर्देश भी अफसरान को दिए हैं ।
हद है साहब..छोटे से सियासी नफे के लिए किसानों को ही मोहरा बना दिया गया ।

सबक लें...समझें..।
हर उड़ती खबर की पुष्टि अवश्य करें । ताकि जाने अनजाने में कहीं आप नापाक मंसूबों का शिकार न बन जाए