दिग्गी ने फेंका नहला तो उफ्फ़.. मंत्री विजय शाह ने मार दिया दहला


दिग्गी बाबू फिर बोले ...लेकिन साहब इस बार आरोप या कोई शगूफा नही छोड़ा बल्कि उफ्फ़ बिन मांगी नसीहत देकर फटे में टांग उलझा बैठे ।
दिग्गी दद्दू ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में हुई गफलत को तूल देते हुए विजय शाह को नसीहत पकड़ा मारी ।
एकदम भड़काने के अंदाज में कहा कि मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए । और लगे हाथ भाजपा पर आदिवासियों का अपमान करने का आरोप भी जड़ मारा ।
अब मंत्री विजय शाह कहाँ ठहरते ..नहले पर दहला फेंकते हुए दो टूक फरमा दिया ...दद्दू घर सम्हाल लो ।
बाकी आंखे खोल कर देख लो...स्टेज पर केंद्रीय मंत्री साथ कौन बैठा है ।
  यहाँ दिग्गी ने मुद्दा छेड़ा वहां पुरानी हरकतों से परत हट गई । यह वही दिग्विजय सिंह हैं साहब..जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए विजय शाह जो उस समय विधायक थे...मानसिक और शारीरक प्रताड़ना देने में कोई कोर कसर न छोड़ी थी । तब न आदिवासियों की चिंता थी और न आदिवासी विधायक का सम्मान ।
अब क्या करें...  कुछ उम्र का तकाज़ा और उफ्फ़..कुछ सियासी कीड़ा । जो न करवाये वो कम है ।