बुंदेलखंड की अनूठी परंपरा। मौन व्रत रख ग्वाले, मंदिर पहुंच करते हैं..कुछ ऐसा


दीपोत्सव की रोशनी और उल्लास में पूरा देश डूबा है| रोशनी पर्व के अवसर पर निभाई जाने वाली कुछ ऐसी अनूठी परंपरा भी हैं, जो आकर्षित कर लेती हैं| 

     मप्र के बुंदेलखंड अंर्तगत आने वाला पन्ना| जो न सिर्फ हीरा उत्पादन बल्कि निभाई जाने वाली परम्पराओं के लिए भी प्रसिद्द है| यहाँ स्थित जुगलकिशोर मंदिर परिसर में ग्रामीण क्षेत्र से आए ग्वाला दीवाली गीत और नृत्य करते है| यादव समाज यह परंपरा सदियों पुरानी है, जो वक्त के साथ आज भी उसी उत्साह के साथ निभाई जाती है| 

   देखिए एक झलक